क्षेत्रीय
19-Feb-2026
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- पहले से विवाहित जोड़े ने दोबारा रचाई शादी कांकेर(ईएमएस)। जिले में मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के तहत 10 फरवरी को गोविंदपुर में आयोजित भव्य समारोह अब विवादों में घिर गया है। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों के बाद एक जोड़े द्वारा पहले से विवाहित होने के बावजूद योजना का लाभ लेने के लिए दोबारा शादी रचाने का मामला सामने आया है। इससे योजना के सत्यापन और जांच तंत्र की गंभीर खामियां उजागर हो गई हैं। जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत प्रेमनगर निवासी सुदीप विश्वास और ग्राम पीवी 64 निवासी स्वर्णा मिस्त्री ने 3 जून 2025 को सामाजिक रीति-रिवाज से पहले ही विवाह कर लिया था। विवाह के बाद युवती अपने पति के साथ रह रही थी। इसके बावजूद दोनों ने मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना में पंजीकरण करा लिया और 10 फरवरी को गोविंदपुर के समारोह में एक बार फिर सात फेरे लेकर योजना का लाभ उठाया। वायरल तस्वीरों में वर-वधू सिंदूर और बंगाली परंपरा के अनुसार पोला (पोली) पहने हुए दिख रहे हैं, जो पहले से विवाहित होने का स्पष्ट संकेत देते हैं। मामले के उजागर होने के बाद आवेदन प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। आवेदन सेक्टर हरनगढ़ से किया गया था, जबकि नियमों के अनुसार वधू पक्ष की स्थानीय आंगनबाड़ी केंद्र से आवेदन अनिवार्य है। आरोप है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सेक्टर सुपरवाइजर ने बिना गहन जांच के आवेदन स्वीकार कर लिया। पंचायत से अविवाहित होने का प्रमाण पत्र तो लिया गया, लेकिन वास्तविक वैवाहिक स्थिति की पुष्टि नहीं की गई। योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। ऐसे में फर्जी पंजीकरण के कारण सरकारी राशि गलत हाथों में चली गई है। यह घटना योजना के क्रियान्वयन में बड़ी चूक और लापरवाही को बेनकाब करती है, जिससे गरीब बेटियों के लिए बनी इस कल्याणकारी योजना की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। दोषी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सुपरवाइजर और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फर्जीवाड़े में शामिल सभी पक्षों पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सत्यापन प्रक्रिया को और सख्त बनाया जाएगा। ईएमएस(राकेश गुप्ता)19 फरवरी 2026