अंतर्राष्ट्रीय
19-Feb-2026
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-कैरोलिन लीविट ने कहा- कूटनीति ट्रंप की पहली पसंद, सैन्य विकल्प भी मेज पर मौजूद है वॉशिंगटन,(ईएमएस)। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ा सैन्य कदम उठाया जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि अमेरिकी सेना इस वीकेंड तक ईरान पर हमला करने के लिए तैयार है, हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी अंतिम फैसला नहीं लिया है। सूत्रों ने बताया कि व्हाइट हाउस को जानकारी दे दी गई है कि अगर आदेश मिलता है तो अमेरिकी सेना कुछ ही घंटों में कार्रवाई कर सकती है। पिछले कुछ दिनों में मिडिल ईस्ट में अमेरिकी वायु और नौसैनिक ताकत में भारी बढ़ोतरी की गई है। दुनिया का सबसे आधुनिक विमानवाहक पोत गेराल्ड आर फोर्ड क्षेत्र में पहुंच सकते है। ब्रिटेन में तैनात अमेरिकी फाइटर जेट और ईंधन भरने वाले टैंकर विमानों को मिडिल ईस्ट में भेजा जा रहा है। सूत्र ने बताया कि राष्ट्रपति इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। वह सैन्य कार्रवाई के पक्ष और विपक्ष दोनों तर्क सुन रहे हैं। जिनेवा में ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधियों के बीच करीब साढ़े तीन घंटे तक अप्रत्यक्ष बातचीत हुई। ईरान ने कहा कि कुछ ‘मार्गदर्शक सिद्धांतों’ पर सहमति बनी है, लेकिन अमेरिकी पक्ष का कहना है कि अभी कई मुद्दों पर साफ बातचीत होनी बाकी है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा कि कूटनीति ट्रंप की पहली पसंद है, लेकिन सैन्य विकल्प भी मेज पर मौजूद है। उन्होंने किसी समयसीमा का ऐलान करने से इनकार किया। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो 28 फरवरी को इजराइल जाएंगे और पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात करेंगे। इजराइल लगातार ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है। उधर सैटेलाइट तस्वीरों से संकेत मिले हैं कि ईरान अपने परमाणु ठिकानों को और मजबूत कर रहा है। कई अहम स्थलों को कंक्रीट और मिट्टी की मोटी परत से ढका जा रहा है, ताकि संभावित हवाई हमलों से बचाव हो सके। फिलहाल ट्रंप ने सार्वजनिक तौर पर साफ टार्गेट नहीं बताया है कि हमला होने की स्थिति में उसका अंतिम उद्देश्य क्या होगा। उन्होंने सिर्फ इतना कहा है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले कुछ दिन बेहद अहम होंगे। सिराज/ईएमएस 19फरवरी26