अडाणी के नाम पर हंगामा: नेता प्रतिपक्ष ने कहा- सरकार और अडाणी के बीच समझौता, मंत्री विजयवर्गीय बोले- औकात में रहो भोपाल (ईएमएस) ।मप्र विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन गुरूवार को विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान जमकर हंगामा हुआ। एक दिन में विधानसभा की कार्यवाही 6 बार स्थगित हुई। इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच तीखी बहस हुई। चर्चा के दौरान सिंघार ने सरकार और अडाणी के बीच समझौते का मुद्दा उठाया। जब नेता प्रतिपक्ष अपना संबोधन दे रहे थे और यह कह रहे थे कि अडाणी को बिजली खरीदने के नाम पर अगले 25 साल में 1 लाख से सवा लाख करोड़ रुपये दिए जाएंगे, तब मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि इसका सबूत दें। इस पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उनके पास सबूत है और वे दिखा देंगे। इसी दौरान दोनों के बीच तनातनी बढ़ गई और बहस शुरू हो गई। बहस के दौरान मंत्री विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष से औकात में रहने को कहा, जिसके बाद सदन में हंगामा और तेज हो गया। अडाणी का नाम लेने पर मंत्री ने जताई आपत्ति चर्चा के दौरान सिंघार ने सरकार और अडाणी के बीच समझौते का मुद्दा उठाया। इस पर मंत्री विश्वास सारंग ने आपत्ति जताई और कहा कि जो व्यक्ति सदन में मौजूद नहीं है, उसका नाम नहीं लिया जाना चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष ने भी इस परंपरा का पालन करने के निर्देश दिए। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष गलत जानकारी दे रहे हैं। इस पर उमंग सिंघार ने कहा कि वह हर बात प्रमाण के साथ करते हैं और जरूरत पडऩे पर प्रमाण दे सकते हैं। दोनों नेताओं के बीच बहस तेज होने के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक भी खड़े हो गए। सदन में कुछ समय तक हंगामा होता रहा और कार्यवाही प्रभावित हुई। कांग्रेस विधायक बोले- नेता प्रतिपक्ष को मारने की कोशिश सदन की कार्यवाही जब दोबारा शुरू हुई तो कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष को मारने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि एक आदिवासी नेता का अपमान किया गया है और उनकी औकात पर टिप्पणी की गई है। कांग्रेस विधायकों ने कहा कि जब तक संसदीय कार्य मंत्री माफी नहीं मांगेंगे, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।