:: ग्रीन एनर्जी के लिए सिकोया फाउंडेशन से हाथ मिलाएगा एमपी; निवेशकों को 24 घंटे बिजली और सुरक्षा की गारंटी :: इंदौर/मुंबई (ईएमएस)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुंबई में आयोजित क्लाइमेट वीक-2026 में मध्यप्रदेश के विजन को वैश्विक मंच पर रखा। उन्होंने दो टूक कहा कि क्लाइमेट चेंज केवल पर्यावरण का नहीं, बल्कि मानव अस्तित्व और भावी पीढ़ी के भविष्य का सवाल है। मध्यप्रदेश आज न केवल देश का सबसे तेज विकसित राज्य है, बल्कि सर्वाधिक नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन कर दुनिया को हरित विकास की राह दिखा रहा है। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में मध्यप्रदेश के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग और विश्व विख्यात सिकोया क्लाइमेट फाउंडेशन के बीच एक एमओयू हुआ। यह समझौता राज्य में स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार और हरित तकनीकों को अपनाने में मील का पत्थर साबित होगा। :: एमपी के वो नवाचार, जो बने देश की मिसाल :: - देश का पहला प्रयोग : मध्यप्रदेश 300 मेगावाट की सौर-सह एनर्जी स्टोरेज और 24x7 बैटरी आधारित एनर्जी स्टोरेज परियोजना पर काम कर रहा है, जो भारत में अपनी तरह का पहला प्रोजेक्ट है। - दुनिया का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट : ओंकारेश्वर में बिना किसी विस्थापन के शुरू हुआ फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट विश्व स्तर पर चर्चा का विषय है। - सोलर सिटी सांची : सांची देश की पहली सोलर सिटी बन चुकी है और अब सभी सरकारी भवनों पर रूफटॉप सोलर लगाने का लक्ष्य है। - अभूतपूर्व वृद्धि : बीते 12 वर्षों में सौर ऊर्जा में 48% और पवन ऊर्जा में 19% की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। :: इन्वेस्टर्स के लिए खुला निमंत्रण :: मुख्यमंत्री ने निवेशकों को सुरक्षा की गारंटी देते हुए कहा, हम ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ व्यापार को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश अब पड़ोसी राज्यों और भारतीय रेलवे को भी स्वच्छ ऊर्जा की आपूर्ति कर रहा है। :: वैश्विक संस्थाओं ने सराहा एमपी मॉडल :: इंटरनेशनल फाइनेंस कार्पोरेशन के क्षेत्रीय निदेशक इमाद एन. फ़खौरी ने मध्यप्रदेश की इन्वेस्टर फ्रेंडली डिजाइन की सराहना की। वहीं, सिकोया क्लाइमेट फाउंडेशन की निदेशक सीमा पॉल ने कहा कि मध्यप्रदेश वर्तमान में 500 गीगावॉट नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन के विशाल लक्ष्य पर काम कर रहा है, जो काबिले तारीफ है। कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला और अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव ने भी राज्य की सस्ती और भरोसेमंद बिजली नीति पर अपने विचार साझा किए। प्रकाश/19 फरवरी 2026