नई दिल्ली (ईएमएस)। फिल्म द केरल स्टोरी 2–गोज बियॉन्ड को लेकर जहां एक तरफ सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इस बीच भाजपा नेताओं ने फिल्म का विरोध करने वालों पर निशाना साधा और कहा है कि फिल्म को राजनीतिक चश्मे के बजाय, अभिव्यक्ति की आजादी और सच्चाई के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कहा, चुनाव से ठीक तीस दिन पहले मुख्यमंत्री एक तरह का सर्कस खड़ा करना चाहते हैं ताकि यह दिखाया जा सके कि वे मुस्लिम हितों की रक्षा कर रहे हैं। भारत का एक संविधान है और हर नागरिक को अपनी बात कहने और अपनी कहानी रखने का अधिकार है। किसी फिल्म को केवल इसलिए विवादों में घसीटना कि वह असहज सवाल उठाती है, लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। भाजपा प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा, भारत में किसी न किसी मुद्दे पर विवाद खड़ा करना अब एक परंपरा बन चुकी है। सिनेमा समाज का आईना है और ये फिल्में अक्सर उन पहलुओं को सामने लाती हैं जो आमतौर पर दबे रह जाते हैं। किसी भी फिल्म के कंटेंट को परखने का काम सेंसर बोर्ड का है और जब बोर्ड कोई फैसला लेता है, तो सभी को उसका सम्मान करना चाहिए। झारखंड की राजधानी रांची से भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कहा, केरल से लगातार ऐसी खबरें सामने आती रही हैं, जिनमें हिंदू और ईसाई लड़कियों को निशाना बनाकर उनका धर्म परिवर्तन कराने के आरोप लगते रहे हैं। मेरा मानना है कि अगर फिल्मों के जरिए इन घटनाओं को दिखाया जा रहा है तो उसका विरोध क्यों हो रहा है? केरल में भाजपा और आरएसएस लंबे समय से इन मुद्दों के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं, और जो लोग फिल्म का विरोध कर रहे हैं, वे कहीं न कहीं इस पूरी प्रक्रिया में संलिप्त हो सकते हैं। तेलंगाना से भाजपा सांसद नरेश बंसल ने भी फिल्म का समर्थन करते हुए कहा, यह सत्य घटनाओं पर आधारित है। केरल में जिस तरह की घटनाएं सामने आई हैं, उन्हें समाज को समझना चाहिए। अगर फिल्म किसी सच्चाई को उजागर कर रही है तो उसे देखने और समझने की जरूरत है। सुबोध/१९-०२-२०२६