ज़रा हटके
21-Feb-2026
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-संयुक्त राष्ट्र की नई असेसमेंट रिपोर्ट में खुलासा, पेट काटकर भर रहे बिजली बिल इस्लामाबाद,(ईएमएस)। संयुक्त राष्ट्र की नई असेसमेंट रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में करीब 75 लाख लोग भयंकर कुपोषण और फूड इनसिक्योरिटी का शिकार हैं। पिछले साल आई भारी बाढ़ और सूखे ने हालात बदतर कर दिए हैं। इसके साथ ही बढ़ती हिंसा ने लोगों से उनका रोजगार छीन लिया है। आलम यह है कि लोग अपना पेट काटकर घर और बिजली के बिल भर रहे हैं। यूएन की रिपोर्ट बताती है कि अगर तुरंत मदद नहीं मिली तो लाखों लोग भूखमरी का शिकार हो जाएंगे। देश की इकॉनमी पूरी तरह क्रैश हो चुकी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दिसंबर 2025 से मार्च 2026 का समय पाकिस्तान के लिए बेहद भारी है। एक डेटा के मुताबिक करीब 12.5 लाख लोग ‘आपातकाल’ के स्तर पर पहुंच जाएंगे। यहां बड़े पैमाने पर खाने की कमी देखी जा रही है। यूएन ने कहा है कि एक मिलियन से ज्यादा लोगों को लाइफ सेविंग मदद चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो देश में एक बड़ी ‘महाविपत्ति’ आ सकती है। साल 2025 में आई मानसूनी बाढ़ ने एग्रीकल्चर सेक्टर को तबाह कर दिया है। सूखे और लोकल असुरक्षा के कारण खेती और पशुपालन पर बुरा असर पड़ा है। इससे प्रोडक्शन काफी घट गया है। इसके अलावा मार्केट भी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। सर्दियों के मौसम ने भी संकट को बढ़ा दिया है। इस सीजन में मजदूरी और इनकम के मौके बहुत कम हो जाते हैं। गेहूं के आटे की कीमत और सप्लाई सबसे बड़ी चिंता है। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। गैलप पाकिस्तान के एक सर्वे में हैरान करने वाली बात सामने आई है। हाउसहोल्ड इनकम एंड एक्सपेंडिचर सर्वे के डेटा से पता चलता है कि लोग खाने पर खर्च कम कर रहे हैं। 2005 में खाने पर 43 परसेंट खर्च होता था। अब 2025 में यह घटकर 37 फीसदी रह गया है। लोग अपना पेट काटकर मकान और बिजली-पानी का फिक्स खर्च निकाल रहे हैं। भूख के साथ-साथ एजुकेशन सेक्टर भी बुरी तरह चरमरा गया है। पब्लिक फाइनेंसिंग ऑफ एजुकेशन की रिपोर्ट ने सरकार की पोल खोल दी है। देश में एजुकेशन का बड़ा खर्च अब परिवार उठा रहे हैं। टोटल 5.03 ट्रिलियन रुपए के खर्च में से 2.8 ट्रिलियन आम पब्लिक दे रही है। वहीं सरकार का योगदान सिर्फ 2.23 ट्रिलियन रुपए है। प्राइवेट स्कूलों की फीस ने पैरेंट्स को लूट लिया है। देश में अभी भी करीब 2 करोड़ बच्चे स्कूल से बाहर हैं। सिराज/ईएमएस 21 फरवरी 2026