मनोरंजन
21-Feb-2026
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मुंबई (ईएमएस)। चेक बाउंस केस में अंतरिम जमानत मिलने के बाद तीहाड जेल से बाहर आए अभिनेता राजपाल यादव ने कैदियों की परिस्थितियों को देखकर सरकार से विशेष अपील की है। मीडिया से चर्चा में उन्होंने कहा कि जिस तरह शो कौन बनेगा करोड़पति में प्रतियोगियों को तीन लाइफलाइन दी जाती हैं, उसी तरह जेल प्रशासन को भी कैदियों को कम से कम एक लाइफलाइन उपलब्ध करानी चाहिए, ताकि वे सुधार के आधार पर राहत पा सकें। उन्होंने कहा कि कई कैदी ऐसे हैं जो 10–15 साल से सलाखों के पीछे हैं और जेल में उनका व्यवहार लगातार अच्छा रहा है। ऐसे कैदियों पर दया दिखाते हुए सरकार को उन्हें राहत देने का कोई प्रावधान बनाना चाहिए। राजपाल यादव के अनुसार, लंबी सजा काट चुके कैदियों को केवल अपराधी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि उनके सुधार और बदली हुई सोच को भी महत्व देना चाहिए। जेलों की वर्तमान स्थिति को लेकर भी अभिनेता ने कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जेलों का उद्देश्य सिर्फ सजा देना नहीं, बल्कि सुधार करना होना चाहिए। राजपाल यादव ने यह भी बताया कि जेल में कई बार यह पहचान पाना मुश्किल हो जाता है कि अपराधी कौन है और सम्मानित व्यक्ति कौन, क्योंकि कई बार परिस्थितियाँ इंसान को अपराध की ओर धकेल देती हैं। उन्होंने समाज से अपील की कि कैदियों को केवल एक “नंबर” या “अपराधी” के रूप में न देखा जाए। इस दौरान उन्होंने एक और मांग उठाई, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है। यादव ने कहा कि जिन कैदियों को सिगरेट की आदत है, उनके लिए जेल में भी एक निर्धारित स्मोकिंग ज़ोन होना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि जब एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर यह सुविधा मौजूद है, तो जेलों में भी इसे लागू किया जाना चाहिए, ताकि नशे के आदी कैदी तनाव और स्वास्थ्य समस्याओं से दूर रह सकें। राजपाल यादव 17 फरवरी को तिहाड़ जेल से बाहर आए, उन्हें 16 फरवरी को दिल्ली हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत दी थी। अदालत ने 18 मार्च तक की राहत देते हुए निर्देश दिया है कि उन्हें बुधवार तक पूरी राशि जमा करनी होगी या फिर डिमांड ड्राफ्ट प्रस्तुत करना होगा। जेल से निकलने के बाद उन्होंने अपने समर्थकों और चाहने वालों का आभार व्यक्त किया और कहा कि तिहाड़ में बिताए 12 दिन उनके लिए एक बड़ी सीख बनकर सामने आए हैं। सुदामा/ईएमएस 21 फरवरी 2026