नई दिल्ली (ईएमएस)। टी20 विश्व कप 2026 का ग्रुप स्टेज अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है और इस दौर में कई अप्रत्याशित नतीजे सामने आए। जिम्बाब्वे, इटली, अफगानिस्तान और अमेरिका जैसी टीमें अपने खेल से सभी का ध्यान खींचने में सफल रहीं। भारत और श्री लंका की संयुक्त मेजबानी में खेले जा रहे इस टूर्नामेंट में जिम्बाब्वे ने सबसे बड़ा प्रभाव छोड़ा। सिकंदर रजा की कप्तानी में टीम ने दो बड़े उलटफेर करते हुए सुपर 8 में जगह बना ली। ग्रुप स्टेज के दौरान जिम्बाब्वे ने पहले आईसीसी की सबसे मजबूत टीमों में गिनी जाने वाली आस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम को 23 रनों से हराकर सबको चौंका दिया। यह मुकाबला टूर्नामेंट का पहला बड़ा उलटफेर साबित हुआ। इसके बाद टीम ने अपने आखिरी ग्रुप मैच में सह-मेजबान श्री लंका को भी 6 विकेट से मात दी। जिम्बाब्वे का बल्लेबाजी क्रम पूरे ग्रुप स्टेज में मजबूत नजर आया और ब्रायन बेनेट ने तीन मैचों में 175 रन बनाकर विशेष छाप छोड़ी। कप्तान सिकंदर रजा ने ऑलराउंड खेल दिखाते हुए बल्ले और गेंद दोनों से योगदान दिया। वहीं, गेंदबाजी में ब्लेसिंग मुजारबानी ने तीन मैचों में 9 विकेट लेकर टूर्नामेंट में तीसरे सबसे सफल गेंदबाज के रूप में स्थान बनाया। टी20 विश्व कप में पहली बार शामिल इटली नेशनल क्रिकेट टीम ने भी अपने खेल से प्रभावित किया। हालांकि टीम सिर्फ एक मैच जीत सकी, लेकिन किसी भी मुकाबले में एकतरफा हार का सामना नहीं करना पड़ा। इटली की सबसे बड़ी जीत नेपाल के खिलाफ 10 विकेट से आई। कप्तान हैरी मैनेंटी के नेतृत्व में जस्टिन और एंथनी मोस्का की भाई जोड़ी ने जोरदार बैटिंग करते हुए दर्शकों का दिल जीता। अमेरिका सुपर 8 में पहुंचने से भले चूक गई, लेकिन टीम ने अपने पहले ही मैच में टीम इंडिया के खिलाफ दमदार प्रदर्शन किया। शैडली वैन शल्कविक ने चार मैचों में 13 विकेट लेकर सबसे प्रभावशाली गेंदबाजों में जगह बनाई। पाकिस्तान के खिलाफ भी अमेरिका ने कड़ी चुनौती दी। यदि उनके बल्लेबाज थोड़ा और बेहतर प्रदर्शन करते, तो टीम सुपर 8 में जगह बना सकती थी। अफगानिस्तान और साउथ आफ्रीका टीम के बीच हुआ मुकाबला विश्व कप इतिहास में याद रखा जाएगा, जिसमें जीत के लिए दो सुपर ओवर खेले गए। अफगानिस्तानी बल्लेबाजों ने शानदार खेल दिखाया, लेकिन उनके गेंदबाज अपनी क्षमताओं के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सके। नेपाल ने भी टूर्नामेंट की शुरुआत इंग्लैंड के खिलाफ दमदार प्रदर्शन से की और क्रिकेट जगत में अपनी पहचान मजबूत की। यदि इंग्लैंड के खिलाफ जीत मिल जाती, तो नेपाल के मनोबल में और बढ़ोतरी होती और टीम शायद और भी बड़ा कमाल कर सकती थी। टी20 विश्व कप 2026 का ग्रुप स्टेज यह साबित करता है कि क्रिकेट का यह फॉर्मेट नए दावेदारों को उभरने और दिग्गजों को चुनौती देने का पूरा मौका देता है। डेविड/ईएमएस 21 फरवरी 2026