अंतर्राष्ट्रीय
21-Feb-2026


वाशिंगटन,(ईएमएस)। अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ रद्द करने के फैसले और ट्रम्प के दोबारा नए टैरिफ के ऐलान के बाद भारत-यूएस ट्रेड डील पहले की तरह ही रहेगी। ट्रम्प ने कहा है कि इस फैसले से भारत के साथ होने जा रहे समझौते पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यह पहले की तरह आगे बढ़ेगा। दरअसल शुक्रवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ रद्द करने के फैसले के 3 घंटे के अंदर ट्रम्प ने दुनियाभर पर 10फीसदी ग्लोबल टैरिफ लगा दिया है। भारत के साथ डील में यह अतिरिक्त टैरिफ शामिल होगा या पहले से तय 18फीसदी में ही एडजस्ट किया जाएगा। इस पर ट्रम्प ने कुछ नहीं कहा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया ब्रिटेन, भारत और यूरोपीय संघ समेत अमेरिका के साथ व्यापार समझौते करने वाले देशों को अब वैश्विक 10फीसदी टैरिफ का सामना करना पड़ेगा, न कि उस टैरिफ दर का जिस पर उन्होंने पहले बातचीत की थी। इससे भारत पर कुल टैरिफ 18फीसदी घटकर 10फीसदी रह जाएगा। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को बताया कि अमेरिका के साथ अंतरिम व्यापार समझौता फरवरी के अंत तक फाइनल हो जाएगा। मार्च में इस पर हस्ताक्षर होंगे। वहीं अप्रैल से ये समझौता पूरी तरह लागू हो जाएगा। इसके साथ ही आने वाले कुछ महीनों में भारत दुनिया के बड़े देशों साथ व्यापारिक समझौतों पर अंतिम मुहर लगाएगा। अप्रैल में ब्रिटेन और ओमान के साथ भी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट शुरू होने की उम्मीद है। रिपोर्ट के मुताबिक 23 फरवरी से भारत और अमेरिका के अधिकारी अमेरिका में तीन दिनों की अहम बैठक करेंगे। इस बैठक का मकसद 7 फरवरी को जारी जॉइंट स्टेटमेंट के आधार पर कानूनी ड्राफ्ट तैयार करना है। वाणिज्य मंत्रालय के चीफ नेगोशिएटर दर्पण जैन भारतीय डेलिगेशन का नेतृत्व करेंगे। उम्मीद है कि टैक्स में 25फीसदी से 18फीसदी की कमी का आधिकारिक आदेश इसी हफ्ते या अगले हफ्ते तक आ जाएगा। इससे भारत के कपड़ा, चमड़ा और जेम्स-ज्वैलरी जैसे सेक्टर को सीधा फायदा होगा। सिराज/ईएमएस 21फरवरी26