अंतर्राष्ट्रीय
21-Feb-2026


वाशिंगटन (ईएमएस)। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने माना कि सुनीता विलियम्स का अंतरिक्ष में फंसना खतरनाक था। नासा ने मिशन को दुर्घटना की टाइप ए कैटेगरी में रखा गया है। इसी कैटेगरी को दुर्घटना की सबसे गंभीर कैटेगरी माना जाता है। चैलेंजर और कोलंबिया शटल दुर्घटनाओं के लिए भी इसी कैटेगरी का इस्तेमाल हुआ था। कोलंबिया शटल दुर्घटना में ही भारत की अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला का निधन हुआ था। 19 फरवरी 2026 को जारी रिपोर्ट में नासा के प्रशासक जेरेड इसाकमान ने लिखा कि सुनीता के मिशन में गंभीर खामियां थी। उन्होंने कमियों को नजरअंदाज करने के लिए एजेंसी और बोइंग की कड़ी आलोचना की। दरअसल, सुनीता साल 2024 में 8 दिन के मिशन पर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पहुंची थीं, लेकिन तकनीकी कारणों से उनकी वापसी में 9 महीने से ज्यादा समय लग गया था। नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता ने 27 साल के बाद रिटायरमेंट लिया है। उनका रिटायरमेंट 27 दिसंबर 2025 से लागू हुआ। हालांकि नासा ने इसकी घोषणा 20 जनवरी को की थी। सुनीता 27 साल पहले 1998 में नासा से जुड़ी थीं। उन्होंने नासा के 3 मिशन में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने अंतरिक्ष में 608 दिन बिताए। पहली बार वह 9 दिसंबर 2006 में अंतरिक्ष में गई थी। सुनीता ने अंतरिक्ष में 9 स्पेसवॉक की। इस दौरान उन्होंने 62 घंटे 6 मिनट तक अंतरिक्ष में चहलकदमी की। यह किसी भी महिला अंतरिक्ष यात्री में सबसे ज्यादा है। आशीष दुबे / 21 फरवरी 2026