राज्य
21-Feb-2026
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- पथराव में पुलिसकर्मी और पत्रकार घायल इन्दौर (ईएमएस) कांग्रेस कार्यालय गांधी भवन में आज दोपहर लगभग 2:00 बजे के करीब उस समय तनाव व्याप्त हो गया जब भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) और कांग्रेस के कार्यकर्ता कार्यालय के बाहर आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों ओर से जमकर पत्थरबाजी होने लगी। इस हिंसा में एक सब-इंस्पेक्टर (SI), एक पत्रकार और कई राजनीतिक कार्यकर्ता घायल हुए हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को वॉटर कैनन (पानी की बौछार) का उपयोग करना पड़ा। विवाद का मुख्य कारण - कांग्रेस बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच हुई इस हिंसक झड़प की जड़ दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट (India AI Impact Summit) के दौरान यूथ कांग्रेस द्वारा किया गया विरोध प्रदर्शन है। दिल्ली में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए अर्धनग्न प्रदर्शन के जवाब में, इंदौर भाजयुमो ने आज शनिवार को कांग्रेस कार्यालय के घेराव का आह्वान किया था। इसी दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता भी वहां बड़ी संख्या में विरोध दर्ज कराने पहुंच गए, जिससे दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। घटनाक्रम और नुकसान - • दोपहर 2:00 बजे करीब भाजयुमो कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए गांधी भवन पहुंचे। वहां पहले से मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ उनकी तीखी बहस और धक्का-मुक्की शुरू हुई। •  विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पत्थर, पानी की बोतलें और टमाटर फेंकना शुरू कर दिया。 •  पथराव में ड्यूटी पर तैनात एक सब-इंस्पेक्टर के सिर में चोट आई है। इसके अलावा, कांग्रेस की महिला नेता बिंदू चौहान को गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कुल 6 लोग घायल बताए जा रहे हैं। • अन्य नुकसान: कार्यालय के बाहर खड़े कई वाहनों के कांच टूट गए और आसपास के व्यापारियों ने डर के मारे अपनी दुकानें बंद कर दीं पुलिस की कार्रवाई - • डीसीपी कृष्णा लालचंदानी के अनुसार, स्थिति को काबू में करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया और वॉटर कैनन का इस्तेमाल कर भीड़ को तितर-बितर किया गया। • पुलिस घटनास्थल के CCTV फुटेज और मीडिया वीडियो के जरिए पत्थरबाजों की पहचान कर रही है। जल्द ही आरोपियों के खिलाफ नामजद एफ़आईआर (FIR) दर्ज की जाएगी। राजनीतिक प्रतिक्रियाएं • भाजयुमो: भाजपा नेताओं का आरोप है कि कांग्रेस ने लोकतांत्रिक विरोध का जवाब हिंसा से दिया और कार्यकर्ताओं पर पत्थर बरसाए। • कांग्रेस: कांग्रेस ने इसे भाजपा का सुनियोजित हमला बताया है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि पुलिस भाजपा कार्यकर्ताओं को ढाल दे रही थी और विपक्षी नेताओं को अनुचित तरीके से रोका गया। 1. एफ़आईआर (FIR) की स्थिति पुलिस ने इस मामले में क्रॉस एफ़आईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की है। इसका मतलब है कि दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर मामले दर्ज किए जा रहे हैं: • पुलिस की ओर से: ड्यूटी पर तैनात सब-इंस्पेक्टर और अन्य पुलिसकर्मियों पर हुए हमले को लेकर शासकीय कार्य में बाधा (धारा 353, IPC/BNS) और दंगा भड़काने की धाराओं के तहत अज्ञात उपद्रवियों पर मामला दर्ज किया गया है। • दोनों दलों की शिकायत: कांग्रेस ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर कार्यालय में घुसकर तोड़फोड़ और मारपीट का आरोप लगाया है, जबकि भाजपा ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर जानलेवा हमले और पत्थरबाजी की शिकायत दी है। 2. गिरफ्तारियां और हिरासत - • वीडियो फुटेज से पहचान: पुलिस ने घटना के समय के 10 से अधिक वीडियो और सीसीटीवी कैमरों के फुटेज सुरक्षित किए हैं। • हिरासत: अब तक लगभग 12 से 15 संदिग्ध कार्यकर्ताओं को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। पुलिस का कहना है कि पत्थरबाजी शुरू करने वाले मुख्य चेहरों की पहचान होने के बाद ही औपचारिक गिरफ्तारियां दिखाई जाएंगी। • अज्ञात पर मामला: फिलहाल अधिकांश नाम एफ़आईआर में अज्ञात के रूप में दर्ज हैं, जिन्हें जांच के बाद नामजद किया जाएगा। 3. पुलिस की आधिकारिक एडवाइजरी - इंदौर पुलिस कमिश्नरेट ने शहर में शांति बनाए रखने के लिए यह निर्देश जारी किए हैं: • सोशल मीडिया पर निगरानी: किसी भी भड़काऊ वीडियो या मैसेज को शेयर करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। • धारा 144 की संभावना: संवेदनशील इलाकों में भीड़ इकट्ठा होने पर पाबंदी लगाई जा सकती है। • अस्पताल अपडेट: घायल पुलिसकर्मी और कार्यकर्ताओं की हालत अब स्थिर बताई जा रही है। (यह खबर अपडेट की जा रही है) आनंद पुरोहित/ 21 फरवरी 2026