राज्य
21-Feb-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने अहम फैसले में कहा है कि पैतृक संपत्ति प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत कुर्की की कार्रवाई से मुक्त नहीं है। बेंच ने कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग की कार्रवाई में कुर्की के मामलों में पैतृक या विरासत में मिली दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने अहम फैसले में कहा है कि पैतृक या विरासत में मिली संपत्ति प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत कुर्की की कार्रवाई से मुक्त नहीं है। जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रवींदर डुडेजा की डिवीजन बेंच ने टिप्पणी की कि मनी लॉन्ड्रिंग की कार्रवाई में कुर्की के मामलों में पैतृक या विरासत में मिली संपत्तियों के लिए कानून में कोई अपवाद नहीं है। हाईकोर्ट ने पीएमएलए के तहत अपीलीय न्यायाधिकरण के 2025 के आदेश के खिलाफ एक व्यक्ति द्वारा दायर अपील पर फैसला सुनाया, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा सैनिक विहार में उसकी संपत्ति की अस्थायी कुर्की की पुष्टि को बरकरार रखा गया था। यहां जिस प्रॉपर्टी की बात हो रही है, वह 255, सैनिक विहार, पीतमपुरा, दिल्ली में है। अपील करने वाले ने दलील दी कि यह प्रॉपर्टी 1991 में उसके पिता ने अपनी इनकम से खरीदी थी और उन्होंने इसे खरीदने में कोई पैसा नहीं दिया था। अपीलकर्ता ने कहा कि संपत्ति कभी भी उसके द्वारा नहीं खरीदी गई थी और उसके पिता ने 1991 में अपनी निजी आय से उनके संयुक्त नाम पर खरीदी थी और इसलिए इसे कुर्क नहीं किया जा सकता है। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/21/फरवरी/2026