राष्ट्रीय
22-Feb-2026


जायसवाल बोले-पाक के साथ भारत की एकमात्र बड़ी समस्या सीमा पार आतंकवाद है नई दिल्ली,(ईएमएस)। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव चरम पर है। शनिवार रात पाकिस्तान की वायुसेना ने सीमा पार अफगानिस्तान के अंदर कई आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए। पाकिस्तान ने इसे सटीक ऑपरेशन बताया है, वहीं अफगानिस्तान की तालिबान सरकार का दावा है कि इन हमलों में महिलाओं और बच्चों समेत दर्जनों निर्दोष नागरिक मारे गए हैं। इस सबके बीच सबकी निगाहें भारत पर टिकी हैं। दक्षिण एशिया में बढ़ते कूटनीतिक और सैन्य तनाव के बीच भारत ने एक बार फिर अपना रुख साफ किया है। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा था कि पाकिस्तान के साथ भारत की एकमात्र और सबसे बड़ी समस्या सीमा पार आतंकवाद है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक इस जड़ को नहीं काटा जाता, तब तक संबंधों में सुधार की गुंजाइश सीमित है। जायसवाल का यह बयान पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की उस धमकी के संदर्भ में आया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर काबुल अपनी जमीन पर पनप रहे आतंकवाद को नहीं रोकता तो इस्लामाबाद अफगानिस्तान के अंदर हवाई हमले करने से पीछे नहीं हटेगा। जब जायसवाल से इस संबंध में भारत की स्थिति के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के साथ हमारे संबंध किस स्तर पर हैं और पाकिस्तान के साथ हमारे रिश्तों की क्या स्थिति है। मैं इसे यहीं छोड़ूंगा। जहां तक पाकिस्तान का सवाल है, हमारे बीच असली समस्या सीमा पार आतंकवाद है, जिसे संबोधित किया जाना अनिवार्य है। विशेषज्ञों का मानना है कि रणधीर जायसवाल का बयान यह दर्शाता है कि भारत इस क्षेत्र में हो रही सैन्य हलचलों पर पैनी नजर रखे हुए है। भारत ने हमेशा इस बात की वकालत की है कि आतंकवाद किसी भी रूप में हो, वह क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा है। हालांकि, भारत ने अफगानिस्तान में तालिबान शासन के साथ अपने संबंधों को मानवीय और रणनीतिक स्तर पर संतुलित रखा है, जो पाकिस्तान की तुलना में कहीं अधिक स्थिर नजर आते हैं। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने रविवार तड़के एक्स पर जानकारी दी कि पाकिस्तानी सेना ने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और उसके सहयोगी संगठनों के सात कैंपों पर टारगेट हमले किए हैं। उन्होंने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय इस्लामिक स्टेट (आईएस) के गुर्गों को भी निशाना बनाया गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दूसरी ओर काबुल में अफगान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने इन हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी विमानों ने नंगरहार और पक्तिका प्रांतों में रिहायशी बस्तियों को निशाना बनाया। मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक सुरक्षा की विफलता और कमजोरी को छिपाने के लिए अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन कर रहा है। बता दें हाल ही में उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर में एक आत्मघाती हमलावर ने बारूद से लदे वाहन को सुरक्षा चौकी से टकरा दिया था, जिसमें 11 सैनिक और एक बच्चे की मौत हो गई थी। हमलावर अफगान नागरिक बताया गया था। शनिवार को ही बन्नू में एक सैन्य काफिले पर हमला हुआ जिसमें दो जवान शहीद हो गए। इससे पहले इस्लामाबाद की एक शिया मस्जिद में हुए धमाके में 31 लोगों की जान चली गई थी। इस हमले के लिए पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने भारत को भी जिम्मेदार बताया था। पाकिस्तान का दावा है कि इन सभी हमलों के तार अफगानिस्तान में बैठे टीटीपी कमांडरों से जुड़े हैं और उनके पास इसके ठोस सबूत हैं। पाकिस्तान की सेना ने चेतावनी दी है कि वह अब किसी भी प्रकार का संयम नहीं बरतेगी। सेना के मुताबिक पाकिस्तान के नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है और वह आतंकियों का पीछा उनके ठिकानों तक करेगा, चाहे वे कहीं भी हों। पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी अपील की है कि वे तालिबान सरकार पर दबाव डालें ताकि अफगान धरती का इस्तेमाल दूसरे देशों के खिलाफ न हो। सिराज/ईएमएस 22फरवरी26 ----------------------------------