23-Feb-2026
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- गांधी मंदिर,महाकाली वार्ड देवरी में संत शिरोमणि गाडगे जी का 149वां जन्मोत्सव मनाया गया देवरी/सागर (ईएमएस)। महाकाली वार्ड स्थित गांधी मंदिर परिसर में सोमवार को संत शिरोमणि गाडगे जी का 149वां जन्मोत्सव श्रद्धा,उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाया गया।कार्यक्रम का आयोजन अखिल भारतीय धोबी महासंघ शाखा देवरी कलां द्वारा किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ संत गाडगे जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर वक्ताओं ने संत गाडगे जी के जीवन चरित्र,उनके समाज सुधार कार्यों तथा स्वच्छता के प्रति उनके संदेशों पर प्रकाश डाला। उपस्थित जनों ने उनके बताए मार्ग पर चलने और समाज में स्वच्छता व समरसता का संदेश फैलाने का संकल्प लिया।कार्यक्रम के दौरान भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया,जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। समाज के वरिष्ठजनों एवं गणमान्य नागरिकों एवं अतिथियों का सम्मान भी किया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में समाज बंधु,महिलाएं एवं गणमान्य जन उपस्थित रहे।अखिल भारतीय धोबी महासंघ शाखा देवरी कलां ने कार्यक्रम में सहयोग देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्रीमति नेहा अलकेश जैन,विशिष्ट अतिथि संजय बृजपुरिया,हरि चौरसिया,जशवंत रजक,गिरजा रजक,कन्हैयालाल ताम्रकार,सुनील सिंघई,ओमनारायण ठाकुर,दशरथ साहू,सुरेन्द्र स्वामी,अभय दुबे,अविनाश खत्री,गनपत चौरसिया,दामोदर रजक,दिलीप रजक,गांधी भक्त राजू दीक्षित,चंन्द्रशैखर रजक,कमलेश ठाकुर,मोहन रैकवार,नितिन ठाकुर,राजा गुप्ता,ऋतु रजक,वैशाली रजक सहित बडी संख्या मे गणमान्य जन ऊपस्थित रहे!संचालन शिक्षक ओमनारायण ठाकुर द्वारा किया गया!एवं जशवंत रजक सेवानिवृत्त शिक्षक द्वारा सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। संजय बृजपुरिया ने कहा है कि मनभेद न करें मतभेद जरूर हो सते हैं!संत गाडगे बाबा ने अपने जीवन में स्वच्छता,सेवा और सामाजिक सुधार को सर्वोच्च स्थान दिया था। उन्होंने हमेशा समाज को संदेश दिया कि पुण्य,गरीबों,जरूरतमंदों और पीड़ितों की सेवा करने से मिलता है।संत गाडगे बाबा का मानना था कि स्वच्छता ही सच्ची पूजा है। वे जहां भी जाते,पहले स्वयं झाड़ू लगाकर लोगों को सफाई के प्रति जागरूक करते थे। उनके विचार आज भी समाज को स्वच्छ भारत और सामाजिक समानता की दिशा में प्रेरित करते हैं।उन्होंने मानव सेवा को जीवन का सच्चा धर्म बताया। उनके अनुसार,“भूखे को भोजन और प्यासे को पानी देना ही सबसे बड़ी पूजा है। नेहा जैन ने कहा कि संत गाडगे बाबा के विचार आज के समय में और भी प्रासंगिक हैं। यदि हर व्यक्ति उनके बताए मार्ग—स्वच्छता,सेवा और सदाचार को अपनाए,तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन निश्चित रूप से संभव है। निखिल सोधिया/ईएमएस/23/02/2026