तेहरान,(ईएमएस)। ट्रंप बार-बार खामेनेई को ‘बुरे अंजाम’ की धमकी दे रहे हैं। इस बीच परमाणु बातचीत भी चल रही है। अमेरिका अपनी सारी शर्तें मनावाने के लिए ईरान पर प्रेशर बना रहा है लेकिन ईरान ने अमेरिका को जवाब देने रेड लाइन खींच दी है। हालांकि, खामेनेई का देश तीन मुद्दों पर झुकने के लिए तैयार हो गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने अपने उस न्यूक्लियर पावर बनने के ‘ख्वाब’ को दांव पर लगा दिया है, जिसे वह अपनी ‘संप्रभुता का प्रतीक’ मानता था। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने खुलासा किया है कि वे अमेरिका के साथ ‘अंतरिम समझौता’ करने के लिए तैयार हैं। इसके लिए उन्होंने तीन प्रमुख प्रस्ताव बातचीत की मेज पर रखे हैं जिनमें यूरेनियम एक्सपोर्ट, ईरान अब तक अपने एनरिच्ड यूरेनियम को देश से बाहर भेजने के खिलाफ था लेकिन अब वो अपने भंडार का एक हिस्सा निर्यात करने पर विचार कर रहा है ताकि अमेरिका के साथ समझौते पर पहुंच सके। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने संकेत दिए हैं कि वह अपने पास मौजूद 60फीसदी तक विकसित यूरेनियम, जो हथियार बनाने के बेहद करीब है, उसकी शुद्धता को कम कर सकता है। यह कदम इजराइल की चिंता को दूर करने के लिए है कि ईरान कभी भी न्यूक्लियर बम बना सकता है। वहीं ईरान ने एक ‘क्षेत्रीय कंसोर्टियम’ यानी एक तरह का समूह बनाने का प्रस्ताव दिया है, जिसमें अन्य देश भी शामिल होंगे। इसका मतलब है कि ईरान अकेले यूरेनियम विकसित नहीं करेगा, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय निगरानी और साझेदारी के तहत ये काम करेगा। ईरान ने एक रेड लाइन भी खींची है। उसने कहा है कि वह अपने तेल और खनिज संसाधनों का कंट्रोल किसी को नहीं देगा, हालांकि अमेरिकी कंपनियां वहां ठेकेदार के तौर पर काम कर सकती हैं। रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वह ‘लिमिटेड मिलिट्री स्ट्राइक्स’ यानी सीमित सैन्य हमलों पर विचार कर रहे हैं। वे ईरान के परमाणु कार्यक्रम का पूरी तरह खात्मा चाहते हैं, न कि सिर्फ उस पर पाबंदी। इजराइल के पीएम नेतन्याहू को ईरान के किसी भी वादे पर भरोसा नहीं है। उनका मानना है कि ईरान सिर्फ वक्त खरीदने के लिए ये रियायतें दे रहा है। सिराज/ईएमएस 24 फरवरी 2026