-जनरल केन की युद्ध के खिलाफ चेतावनी को ट्रंप ने बताया झूठी खबर वाशिंगटन,(ईएमएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन मीडिया रिपोर्ट्स का खंडन किया है जिनमें दावा किया गया था कि जनरल डेनियल केन ने ईरान के साथ युद्ध के खिलाफ चेतावनी दी है। ट्रंप ने साफ कहा कि अमेरिका युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार है और अगर कोई सैन्य संघर्ष होता है, तो जीत अमेरिका की ही होगी। अपने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने इन खबरों को 100 फीसदी गलत बताया है। उन्होंने कहा कि जनरल डेनियल केन अन्य लोगों की तरह युद्ध नहीं चाहते हैं, लेकिन अगर सैन्य स्तर पर ईरान के खिलाफ जाने का फैसला लिया जाता है, तो जनरल केन का मानना है कि इस युद्ध को आसानी से जीता जा सकता है। ट्रंप ने कहा कि जनरल डेनियल केन को राजिन भी कहा जाता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने कहा कि जनरल केन ने सीमित हमलों या ईरान पर कार्रवाई न करने जैसी कोई बात नहीं की है। उन्हें केवल एक ही बात पता है- कैसे जीतना है। अगर उन्हें आदेश दिया जाता है, तो वह सैन्य मोर्चे का नेतृत्व करेंगे। बता दें जॉन डैनियल केन शीर्ष अमेरिकी जनरल और वेंचर कैपिटलिस्ट हैं। वे 2025 से जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के 22वें चेयरमैन के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्होंने 2021 से 2024 तक सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी में मिलिट्री मामलों के एसोसिएट डायरेक्टर के तौर पर काम किया। ट्रंप ने ईरान को परमाणु समझौते पर सहमत होने के लिए कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अंतिम निर्णय मैं ही लेता हूं। मैं चाहता हूं कि एक डील हो, लेकिन अगर हम कोई डील नहीं करते हैं तो वहां के लोगों के लिए एक बहुत बुरा दिन होगा। वे लोग महान और अद्भुत हैं और उनके साथ ऐसा कभी नहीं होना चाहिए था। ट्रंप की यह प्रतिक्रिया उन रिपोर्ट्स के बाद आई है जिनमें कहा गया था कि जनरल डेनियल केन ने राष्ट्रपति ट्रंप और वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों को आगाह किया है कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान जोखिम भरा हो सकता है और अमेरिका एक लंबे संघर्ष में फंस सकता है। इस संभावित टकराव के बीच अमेरिका मध्य पूर्व में अपनी सैन्य ताकत लगातार बढ़ा रहा है, जिससे व्यापक युद्ध की चिंताएं तेज हो गई हैं। पेंटागन के अधिकारियों ने कतर के अल उदीद बेस से सैकड़ों सैनिकों को शिफ्ट किया है। बहरीन, इराक, सीरिया, कुवैत, सऊदी अरब, जॉर्डन और संयुक्त अरब अमीरात में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर रणनीतिक और लॉजिस्टिक बदलाव देखे गए हैं। अमेरिकी अधिकारियों को इस बात की गहरी आशंका है कि अगर पूर्ण युद्ध छिड़ता है, तो इस क्षेत्र में तैनात करीब 30,000 से 40,000 अमेरिकी सैनिक ईरान के प्राथमिक निशाने पर हो सकते हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा है कि परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा के लिए गुरुवार को जिनेवा में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ उनकी मुलाकात हो सकती है। एक समझौते तक पहुंचने के उद्देश्य से दोनों देशों के बीच इस महीने पहले ही दो दौर की बातचीत हो चुकी है। सिराज/ईएमएस 24फरवरी26