- वैदिक अनुष्ठान के साथ प्रशासनिक निरंतरता का प्रदर्शन - पद नहीं छोड़ा, संकल्प के साथ जिम्मेदारी निभाने का ऐलान बिलासपुर (ईएमएस)। अटल यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी का कार्यकाल 22 फरवरी को समाप्त होने के बाद भी प्रो. अरुण दिवाकर नाथ वाजपेयी ने कुलपति पद नहीं छोड़ा और अगले ही दिन 23 फरवरी को अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय परिसर में यज्ञ-हवन कर नई पारी की औपचारिक शुरुआत का संकल्प लिया। प्रशासनिक स्तर पर नए कुलपति की नियुक्ति प्रक्रिया जारी है, लेकिन इस बीच प्रो. वाजपेयी ने संस्थागत निरंतरता बनाए रखने का संदेश दिया। सोमवार सुबह वैदिक मंत्रोच्चार और हवन के बीच आयोजित कार्यक्रम में शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति रही, जिससे परिसर में आध्यात्मिक और अनुशासित माहौल बना रहा। कुलपति प्रो. वाजपेयी ने कहा कि जब तक दायित्व उनके पास है, वे इसे यज्ञभाव से निभाते रहेंगे और विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध उन्मुखता तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता देंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियुक्ति की औपचारिक प्रक्रिया पूर्ण होने तक प्रशासनिक कार्य सुचारु रूप से चलते रहेंगे। मार्च के बाद ही नए कुलपति की नियुक्ति अटल यूनिवर्सिटी में नए कुलपति के चयन का प्रक्रिया चल रहा है। 29 दिसंबर 2025 तक आवेदन की अंतिम तिथि थी। 64 लोगों ने आवेदन किया था। 9 फरवरी को चयन कमेटी की पहली बैठक हुई। इसके बाद आवेदनों में से 20 नामों का चयन कर अब उन्हें 2 मार्च को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया है। ऐसे में 22 फरवरी को कार्यकाल समाप्त होने के बाद कुलपति प्रो. वाजपेयी ने आयुक्त को चार्ज न देते हुए स्वयं जब तक नए कुलपति का निर्णय नहीं होता तब तक खुद पद पर बने रहने का फैसला ले लिए है। मनोज राज 24 फरवरी 2026