बिलासपुर (ईएमएस)। ऑल इंडिया बैंक इम्प्लाइज एसोसिएशन (एआईबीईए) के राष्ट्रीय महासचिव सी. एच. वेंकटाचलम ने कहा कि बैंकों के निजीकरण के खिलाफ संघर्ष को और तेज किया जाएगा। शनिवार को उनके रायपुर आगमन पर ढोल-बाजों के साथ जोरदार स्वागत किया गया। वे बैंक ऑफ इंडिया इम्प्लाइज यूनियन छत्तीसगढ़ के पांचवें राज्य स्तरीय सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे थे। सम्मेलन में कर्मचारियों को संबोधित करते हुए वेंकटाचलम ने कहा कि एआईबीईए देश के 12 राष्ट्रीयकृत बैंकों में से 10 में प्रमुख यूनियन के रूप में कार्यरत है तथा कई निजी बैंकों में भी इसके सदस्य सक्रिय हैं। देशभर में संगठन के लगभग 7.70 लाख सदस्य हैं, जो इसे बैंकिंग क्षेत्र का सबसे बड़ा और प्रभावशाली कर्मचारी संगठन बनाता है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग उद्योग देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसे कमजोर करने वाली नीतियों का कर्मचारी एकजुट होकर विरोध करेंगे। बैठक में वेतन समझौता, स्टाफ की कमी, बढ़ता कार्यभार, सेवा शर्तों की सुरक्षा और बैंकिंग क्षेत्र की चुनौतियों पर चर्चा कर आगामी रणनीति तय की गई। बैंक ऑफ इंडिया इम्प्लाइज यूनियन छत्तीसगढ़ के महासचिव हर्षवर्धन सिंह बिष्ट ने कहा कि कर्मचारियों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।इस अवसर पर इंडियन बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक और यूको बैंक के यूनियन पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। कर्मचारियों ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को मजबूत रखने और निजीकरण के प्रयासों का विरोध करने का संकल्प दोहराया। मनोज राज 24 फरवरी 2026