* दो मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने से बदला मौसम, खड़ी फसलों को नुकसान की आशंका; किसानों में बढ़ी चिंता अहमदाबाद (ईएमएस)| गुजरात में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। 24 फरवरी को राज्य के विभिन्न हिस्सों में एक साथ दो वेदर सिस्टम सक्रिय होने से मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के 12 जिलों में तेज हवाओं के साथ बेमौसम बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने सौराष्ट्र, उत्तर गुजरात और दक्षिण गुजरात के कई इलाकों में मावठा पड़ने की चेतावनी जारी की है। इससे खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका के चलते किसान चिंतित हो गए हैं। वातावरण में नमी की मात्रा बढ़ने और दो अलग-अलग सिस्टम के प्रभाव से सौराष्ट्र और उत्तर गुजरात के क्षेत्रों में बारिश का माहौल बना हुआ है। मौसम विभग ने द्वारका, पोरबंदर, जूनागढ़, राजकोट, जामनगर, मोरबी, बनासकांठा, साबरकांठा, अरवल्ली और महिसागर जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं नर्मदा और तापी जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। सुरेंद्रनगर जिले के लखतर तालुका में सोमवार देर रात मौसम में अचानक बदलाव दर्ज किया गया। लखतर के ग्रामीण क्षेत्रों—कडु, ओलक, मालिका, तरमणिया और कलम गांवों में बारिश के झोंके देखे गए। फरवरी महीने में सर्दी की विदाई और गर्मी की शुरुआत के बीच बारिश होने से लोगों को मिश्रित मौसम का अनुभव हो रहा है। वहीं, सुबह के समय घने कोहरे के कारण दृश्यता में भी उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार फिलहाल बारिश का असर बना रहेगा, लेकिन आने वाले दिनों में मौसम शुष्क हो सकता है। हालांकि तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। दोपहर में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि रात में न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। आगामी दिनों में न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री की गिरावट से ठंड का असर फिर से महसूस किया जा सकता है। फरवरी में हो रही यह बेमौसम बारिश रबी की फसलों जैसे जीरा, गेहूं और राई के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। खासतौर पर खेतों में तैयार खड़ी फसल पर बारिश का पानी गिरने से उसकी गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका रहती है। मौसम विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें या तिरपाल से ढंककर सुरक्षित करें, ताकि संभावित नुकसान को कम किया जा सके। सतीश/24 फरवरी