वाराणसी (ईएमएस)। राष्ट्रीय जलमार्ग -एक के गंगा तटीय जनपदों में जल परिवहन को बढ़ावा देने और सतत निगरानी के लिए जल परिवहन समिति गठित की जाएगी। इसके नेतृत्व में जेटी निर्माण, क्रूज एवं नाव संचालन की व्यवस्था की जाएगी। समिति में प्राधिकरण, जिला प्रशासन, परिवहन, स्थानीय निकाय के अधिकारी और नाविक होंगे। इस दिशा में उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय जल मार्ग प्राधिकरण ने आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट अर्थ गंगा में तेजी के लिए केंद्र राष्ट्रीय जलमार्ग- एक पर तटीय जनपदों को जोड़ रही है। इसी उद्देश्य से प्रदेश में भी अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण का गठन किया गया है। प्राधिकरण जल मार्ग पर क्रूज संचालन और माल ढुलाई के लिए जेटी और कार्गो सेंटर निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर रहा है। भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण की ओर से बलिया, गाजीपुर, सैदपुर, कैथी, चंदौली और वाराणसी के कई घाटों पर 16 जेटी निर्माण प्रस्तावित है। इनमें वाराणसी और गाजीपुर के आठ जेटी का निर्माण पूर्ण हो चुका है और वे संचालित भी किये जा रहे हैं।अब उनके नियमित संचालन और निगरानी के लिए सभी जिलों में जल परिवहन समिति बनाई जाएगी। बक्सर से प्रयागराज के बीच जल मार्ग के नियमन की निम्नलिखित जिम्मेदारी आई डब्लू ए आई के वाराणसी कार्यालय पर होगी। गंगा में नियमित परिवहन के लिए ए आई डब्लू ए आई की ओर से 50 मीटर चौड़ा है और 3.25 मी गहरा जल मार्ग तैयार किया जा रहा है। बक्सर से वाराणसी के बीच कई स्थानों पर ड्रेसिंग शुरू है। ड्राजिंग होने के बाद मार्च, अप्रैल, मई और जून के दौरान भी गंगा में छोटी -बड़ी जलयानों का आवागमन सुचारू रूप से संचालित रहेगा।वर्तमान में बलिया और गाजीपुर में ड्रेसिंग हो रही है। छोटी-छोटी कार्गो के जरिए माल ढुलाई की तैयारी है। इसके लिए सभी जनपदों में जेटी और कार्गो केंद्र खोले जाएंगे।सरकार ने स्थानीय स्तर पर कृषि उत्पादों के निर्यात पर विशेष जोर दिया है। डॉ नरसिंह राम/ईएमएस/24/02/2026