* पुलिस ने राजस्थान के एक कॉलेज के 6 छात्रों को किया गिरफ्तार, एआई टूल्स से बनाई थी नकली वेबसाइट अहमदाबाद (ईएमएस)| द्वादश ज्योतिर्लिंग में प्रथम गुजरात के प्रसिद्ध तीर्थस्थल सोमनाथ मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को ठगने वाली एक हाईटेक साइबर गैंग का भंडाफोड़ हुआ है। गांधीनगर साइबर क्राइम सेल ने 6 लोगों की इस गैंग को गिरफ्तार किया है, जिसने सोमनाथ ट्रस्ट द्वारा संचालित अतिथिगृहों के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाकर लाखों रुपये की ठगी की। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने सोमनाथ ट्रस्ट के तीन प्रमुख अतिथिगृह - सागर दर्शन, महेश्वरी और लीलावती के नाम से फर्जी वेबसाइट तैयार की थी। ये वेबसाइट इतनी पेशेवर और असली जैसी दिखती थी कि आम श्रद्धालु असली और नकली में फर्क नहीं कर पाते थे। आरोपियों ने ठगी को अंजाम देने के लिए मशहूर ट्रैवल प्लेटफॉर्म अगोड़ा का भी दुरुपयोग किया। इतना ही नहीं, गैंग ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) टूल्स का इस्तेमाल कर प्रोफेशनल कंटेंट और वेबसाइट डिजाइन तैयार की, ताकि फर्जी लिंक सर्च इंजन में ऊपर दिखाई दें और श्रद्धालु आसानी से जाल में फंस जाएं। प्राथमिक जांच में खुलासा हुआ है कि अब तक करीब 20 लाख रुपये से अधिक की ठगी की जा चुकी है। केवल गुजरात ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों से भी कुल 90 शिकायतें दर्ज हुई हैं। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह सिर्फ सोमनाथ तक सीमित नहीं था, बल्कि देश के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों के नाम पर भी फर्जी वेबसाइट बनाकर ऑनलाइन बुकिंग के नाम पर एडवांस भुगतान वसूलता था। चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी राजस्थान के एक कॉलेज के छात्र हैं। अधिक पैसे कमाने की लालच में पढ़े-लिखे युवाओं ने अपराध का रास्ता चुना। घटना के बाद सोमनाथ ट्रस्ट और पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट से ही बुकिंग करें। किसी भी अनजान प्लेटफॉर्म या थर्ड पार्टी ऐप पर भुगतान करने से पहले उसकी सत्यता की पूरी जांच अवश्य करें। सतीश/24 फरवरी