इन्दौर (ईएमएस) कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान कल उस समय सनसनी फ़ैल गई जब इन्दौर नगर निगम का एक पूर्व कर्मचारी यतीन्द्र यादव ने जनसुनवाई में पहुंच प्रशासन से इच्छामृत्यु की मांग की। जनसुनवाई में पहुंचे यतीन्द्र ने गले में तख्तियां टांग रखी थीं, जिन पर न्याय की मांग और अपनी पीड़ा से जुड़े संदेश लिखे थे। यतीन्द्र ने इच्छा मृत्यु की यह मांग अपनी सेवा समाप्ति और पिछले एक साल से लंबित शिकायतों के समाधान न होने को लेकर गहरी निराशा जताते प्रशासन से की। यतीन्द्र ने कलेक्टर को दिए अपने आवेदन में कहा कि अवैध निर्माण का नोटिस चस्पा करने की कार्रवाई के बाद उनका नाम एक विवाद में जबरन उछाला गया और एक जनप्रतिनिधि से जुड़ा कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसमें उनके साथ अभद्र भाषा के प्रयोग और दबाव बनाने के आरोप लगे थे। यतीन्द्र का आरोप है कि 15 सालों की सेवा के दौरान उनके खिलाफ कोई भी गंभीर शिकायत दर्ज नहीं हुई थी। बावजूद घटना के बाद उन्हें नौकरी से हटा दिया गया। यादव ने अपने आवेदन में बताया कि उन्होंने सितंबर 2025 में निगम आयुक्त को भी आवेदन दिया था, लेकिन कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया। अब वे प्रशासन से न्याय की अपेक्षा कर रहे हैं। कलेक्टर ने उनसे प्रक्रिया संबंधी जानकारी ली और संबंधित प्रकरण में पूर्व में किए गए पत्राचार के बारे में पूछा। फिलहाल आवेदन को परीक्षण के लिए रख लिया है। आनंद पुरोहित/ 25 फरवरी 2026