बिलासपुर (ईएमएस)। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण से जुड़े भूमि अधिग्रहण मुआवजा विवाद में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को बड़ा झटका दिया है। न्यायालय ने मध्यस्थता अपील दायर करने में हुई 38 दिनों की देरी को माफ करने से इनकार करते हुए अपील को प्रारंभिक स्तर पर ही खारिज कर दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति बिभु दत्त गुरु की सिंगल बेंच ने दिया है। मामला क्या है प्रकरण राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 के तहत नेशनल हाईवे क्रमांक 200 (नया 49) के चौड़ीकरण के लिए की गई भूमि अधिग्रहण कार्यवाही से जुड़ा है। इसमें निजी उत्तरदाता बकुलाल की भूमि अधिग्रहित की गई थी, जिसके बदले सक्षम प्राधिकारी ने 16 अप्रैल 2018 को मुआवजा निर्धारण का अवार्ड पारित किया। मुआवजा राशि से असंतुष्ट होकर भूमि स्वामी ने अधिनियम की धारा 3जी(5) के तहत आवेदन प्रस्तुत किया। मध्यस्थने मुआवजा पुनर्निर्धारित करने के बजाय प्रकरण को पुन: सक्षम प्राधिकारी को संशोधित अवार्ड पारित करने के लिए 21 फरवरी 2023 को वापस भेज दिया। इस आदेश को पीडब्ल्यूडी द्वारा जिला न्यायालय में चुनौती दी गई, लेकिन जिला न्यायालय ने 18 सितंबर 2024 को यह कहते हुए आवेदन खारिज कर दिया कि मध्यस्थ ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कार्य किया है। देरी पर हाईकोर्ट का सख्त रुख इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने हाईकोर्ट में धारा 37 के तहत अपील दायर की, लेकिन इसमें 38 दिनों की देरी हो गई। देरी माफी के लिए दायर आवेदन में विभाग ने प्रशासनिक कारण, अधिकारी का सेवानिवृत्त होना, पद रिक्त रहना और शीतकालीन अवकाश का हवाला दिया। हाईकोर्ट ने इन कारणों को अपर्याप्त और असंतोषजनक मानते हुए स्पष्ट कहा कि केवल प्रशासनिक प्रक्रियाएं या विभागीय ढिलाई देरी माफी का आधार नहीं बन सकतीं। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर भरोसा न्यायालय ने अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट के प्रसिद्ध फैसले का हवाला देते हुए कहा कि मध्यस्थता मामलों में अपील की समय-सीमा का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए और 90 दिनों के बाद देरी माफी नियम नहीं बल्कि अपवाद होनी चाहिए। कोर्ट ने यह भी दोहराया कि, पर्याप्त कारण दिखा देने मात्र से भी देरी माफ करना अपीलकर्ता का अधिकार नहीं बन जाता। हाईकोर्ट ने माना कि 38 दिनों की देरी के लिए कोई ठोस और वैधानिक कारण प्रस्तुत नहीं किया गया है। परिणामस्वरूप देरी माफी आवेदन खारिज और इसी आधार पर मध्यस्थता अपील भी निरस्त कर दी गई। मनोज राज 27 फरवरी 2026