क्षेत्रीय
27-Feb-2026
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- विपक्ष ने मंत्री ओपी चौधरी के जवाब से असंतुष्ट होकर किया वॉकआउट रायपुर (ईएमएस)। विधानसभा के बजट सत्र में आज रायगढ़ जिले में बढ़ते औद्योगिक प्रदूषण और अवैध फ्लाई ऐश डंपिंग का मुद्दा जोर-शोर से गूंजा। विपक्षी कांग्रेस ने ताप विद्युत संयंत्रों और उद्योगों द्वारा फ्लाई ऐश के अवैध डंपिंग पर पर्यावरण विभाग की कार्रवाई की जानकारी मांगी, लेकिन विभागीय मंत्री ओपी चौधरी का जवाब संतोषजनक न होने पर सभी कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने मामला उठाते हुए सरकार से पूछा कि वर्ष 2023 से 4 फरवरी 2026 तक उद्योगों द्वारा अवैध फ्लाई ऐश डंपिंग के कितने मामले सामने आए और उन पर क्या कार्रवाई हुई। साथ ही रायगढ़ जिले में फ्लाई ऐश और कोयला परिवहन से दूषित पर्यावरण को सुधारने के लिए विभाग की क्या कार्ययोजना है। पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने जवाब में बताया कि इस अवधि में 24 ताप विद्युत संयंत्रों द्वारा निकले राख का उपयोग खदान भराव (बैकफिलिंग) के लिए किया जा रहा है। बिना अनुमति डंपिंग के 49 मामले सामने आए हैं, जिन पर कार्रवाई की गई है। विधायक उमेश पटेल ने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारी कोई काम नहीं कर रहे हैं। रोजाना जिले के कई स्थानों में राख डंप हो रही है, जिसे अधिकारी संरक्षण दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी मंत्री को गलत जानकारी दे रहे हैं और मंत्री सदन को गुमराह कर रहे हैं। इस पर नाराज कांग्रेस सदस्यों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। रायगढ़ जिला छत्तीसगढ़ का प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र है, जहां कई बड़े ताप विद्युत संयंत्र और कोयला आधारित उद्योग संचालित हैं। फ्लाई ऐश का अवैध डंपिंग स्थानीय निवासियों के लिए स्वास्थ्य और पर्यावरणीय खतरा बना हुआ है, जिससे हवा, पानी और मिट्टी प्रदूषित हो रही है। विपक्ष का दावा है कि सरकार की निगरानी ढीली है और जुर्माना लगने के बावजूद अवैध गतिविधियां जारी हैं। सरकार की ओर से फ्लाई ऐश के उपयोग और निगरानी के लिए जीपीएस ट्रैकिंग एवं जियो टैगिंग सिस्टम जैसे कदमों का जिक्र किया गया है, लेकिन विपक्ष ने इसे अपर्याप्त बताया। सत्यप्रकाश/चंद्राकर/26 फरवरी २०२६