:: पारंपरिक वेषभूषा और मांदल की थाप के बीच उदयगढ़ के भगोरिया में शामिल हुए मुख्यमंत्री; तीर-कमान भेंट कर हुआ स्वागत :: आलीराजपुर/इंदौर (ईएमएस)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को आलीराजपुर जिले के उदयगढ़ में आयोजित पारंपरिक भगोरिया उत्सव में शामिल हुए। मांदल की थाप और लोकधुनों के बीच मुख्यमंत्री ने कहा कि फाल्गुन मास के रंगों से सराबोर यह पर्व जनजातीय संस्कृति, प्रेम और सामाजिक समरसता का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मध्यप्रदेश सरकार जनजातीय परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उत्सव स्थल पर मुख्यमंत्री का स्वागत पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया। जनजातीय समाज ने उन्हें संस्कृति के प्रतीक तीर-कमान भेंट किए। इस दौरान पूरा क्षेत्र रंग-बिरंगी पारंपरिक वेषभूषा, चांदी के आभूषणों की झंकार और ढोल-मांदल की थाप से गुंजायमान रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि विरासत को विकास से जोड़ने के संकल्प के साथ इस पर्व को गरिमा और भव्यता प्रदान की जा रही है, जो सरकार की संवेदनशील सोच को प्रतिबिंबित करता है। भगोरिया में जनजातीय युवक-युवतियां पारंपरिक परिधानों जैसे कांचली, घाघरा, धोती और साफा में सजे-धजे नजर आए। सामूहिक लोकनृत्य और कुर्राटी की गूँज ने माहौल को और भी स्मरणीय बना दिया। अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री की सहभागिता ने स्थानीय नागरिकों और जनजातीय समाज के उल्लास को दोगुना कर दिया है। इस अवसर पर पूर्व सांसद गुमानसिंह डामोर, पूर्व विधायक माधोसिंह डावर, विशाल रावत, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े और कलेक्टर नीतू माथुर सहित बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी और जनजातीय समाज के लोग उपस्थित थे। सम्पूर्ण अंचल में उत्सव और सांस्कृतिक चेतना का अद्भुत वातावरण देखा गया। प्रकाश/27 फरवरी 2026