-यहां होली की परंपराएं और जश्न देखने के लिए दुनिया भर से लोग आते हैं नई दिल्ली,(ईएमएस)। होली का नाम सुनते ही दिमाग में रंग, गुलाल और मस्ती छा जाती है, लेकिन भारत में कुछ जगहें ऐसी हैं, जहां होली सिर्फ एक त्योहार नहीं बल्कि एक अलग ही एहसास है। अगर आप पुराना रंग-पानी खेल कर बोर नहीं होना चाहते, तो इन शहरों का सफर करें यहां की परंपराएं और जश्न देखने के लिए दुनिया भर से लोग आते हैं। अगर आपको होली देखनी है, तो मथुरा और वृंदावन से बेहतर कोई जगह नहीं। यहां होली एक या दो दिन नहीं, बल्कि कई दिनों तक चलती है। सबसे खास यहां के मंदिरों में होने वाली फूलों की होली और गुलाल की बारिश है। मथुरा के पास बसे बरसाना की लठमार होली पूरी दुनिया में मशहूर है। यहां की परंपरा बड़ी ही निराली है, जहां महिलाएं लाठियां चलाकर अपनी शक्ति दिखाती हैं और पुरुष ढाल लेकर अपना बचाव करते हैं। सबसे खास बात यह है कि यह सब बहुत ही हंसी-मजाक और प्यार भरे माहौल में होता है। इस रोमांचक और यादगार नजारे को देखने के लिए हर साल हजारों की संख्या में सैलानी यहां आते हैं। वहीं राजस्थान की होली में आपको असली राजसी ठाट-बाट देखने को मिलता है। यहां जयपुर में पारंपरिक लोक नृत्य और लजीज राजस्थानी पकवानों के साथ होली मनाई जाती है। वहीं, झीलों के शहर उदयपुर की बात ही अलग है, जहां मेवाड़ का राजपरिवार भव्य कार्यक्रमों का आयोजन करता है। इस दौरान राजमहल से निकलने वाला शाही जुलूस देखने लायक होता है। पश्चिम बंगाल के शांति निकेतन में होली को बसंत उत्सव के तौर पर मनाया जाता है, जिसकी शुरुआत खुद गुरुदेव रबींद्रनाथ टैगोर ने की थी। यहां का नजारा बिल्कुल अलग होता है, जहां लोग पीले कपड़े पहनकर नाचते-गाते हुए एक-दूसरे को अबीर लगाते हैं। यहां का माहौल इतना कलात्मक और शांति भरा होता है कि इसे देखकर आपका मन खुश हो जाएगा। अगर आप उन लोगों में से हैं, जिन्हें होली पर म्यूजिक, डांस और जमकर पार्टी करना पसंद है, तो दिल्ली बेस्ट जगह है। यहां के होली मू जैसे फेस्टिवल्स में लाइव म्यूजिक और नेचुरल रंगों के साथ एकदम मॉडर्न अंदाज में जश्न मनाया जाता है। दिल्ली की गलियों में मिलने वाले लजीज पकवान और यहां की सामुदायिक होली में आपको हर तरह के रंग और मस्ती देखने को मिल जाएगी। दिल्ली की होली में आपको परंपरा और पार्टी का जबरदस्त मेल मिलता है। सिराज/ईएमएस 28 फरवरी 2026