कुरक्षेत्र (ईएमएस)। हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के सरकारी स्कूल इन दिनों डेस्क की भारी कमी से जूझ रहे हैं। बालवाटिका से लेकर बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को पर्याप्त डेस्क न मिलने के कारण फर्श पर बैठना पड़ रहा है। कई स्कूलों में 10 से 12 वर्ष पुराने डेस्क ही उपयोग में हैं, जिन्हें बार-बार मरम्मत कर चलाया जा रहा है। शिक्षा विभाग हर दो माह में स्कूलों से डेस्क की मांग संबंधी रिपोर्ट तो मांग लेता है, लेकिन आपूर्ति समय पर नहीं हो पा रही है। हाल ही में शिक्षा निदेशालय ने एमआईएस पोर्टल पर गूगल फॉर्म के माध्यम से फिर डिमांड मांगी है। आंकड़ों के अनुसार जिले के करीब 779 स्कूलों में कुल 5594 डेस्क की आवश्यकता है। इसमें बालवाटिका से पांचवीं तक 2269, छठी से आठवीं तक 1726, नौवीं से बारहवीं तक 767 तथा ग्यारहवीं-बारहवीं के लिए 832 डेस्क की जरूरत बताई गई है। सबसे अधिक समस्या प्राथमिक विद्यालयों में है, जहां करीब 50 प्रतिशत स्कूलों में डेस्क का अभाव है। छोटे बच्चों को टाट-दरी पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। गांव थाना के राजकीय प्राइमरी स्कूल में 184 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं और वहां 80 डेस्क की मांग भेजी गई है। उपलब्ध डेस्क को मरम्मत कर उपयोग किया जा रहा है। हरियाणा प्राइमरी हेड टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि हरियाणा सरकार सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों के बराबर लाने की बात करती है, लेकिन मूलभूत सुविधाओं की कमी बनी हुई है। जिला शिक्षा अधिकारी विनोद कौशिक के अनुसार स्कूलों से ड्यूल डेस्क का डाटा प्राप्त हो चुका है और टीमें सत्यापन के लिए निरीक्षण करेंगी। आशीष दुबे / 28 फरवरी 2026