अहमदाबाद (ईएमएस)| गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने साणंद में माइक्रोन प्लांट के लोकार्पण अवसर पर कहा कि यह परियोजना राज्य के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के लिए एक आधारशिला साबित होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजनरी नेतृत्व में आज गुजरात वैश्विक मानचित्र पर ग्रोथ इंजन के रूप में चमक रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि साणंद और धोलेरा अब सेमीकंडक्टर निर्माण के प्रमुख केंद्रों के रूप में उभर रहे हैं। प्रधानमंत्री के अथक प्रयासों और राज्य की उद्यमशीलता के कारण ही बड़े पैमाने पर और तेज गति से औद्योगिक परिवर्तन संभव हो पाया है। यह विकास यात्रा केवल नए उद्योगों की स्थापना नहीं है, बल्कि ‘नए भारत’ की उस पहचान का प्रतीक भी है, जो विश्व के देशों के लिए एक विश्वसनीय मित्र के रूप में स्थापित हो रही है। * 24 घंटे में मंजूरी, गुजरात की कार्यक्षमता का उदाहरण मुख्यमंत्री ने परियोजना की अभूतपूर्व गति और दक्षता का उल्लेख करते हुए बताया कि जून 2023 में प्रधानमंत्री की वॉशिंगटन यात्रा के दौरान इस परियोजना की घोषणा हुई थी। 15 जून 2023 को इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत परियोजना को मंजूरी मिलने के मात्र 24 घंटे के भीतर गुजरात सरकार ने भी प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी थी। उन्होंने कहा कि ऐसी तेज़ी केवल गुजरात में ही संभव है, क्योंकि राज्य ‘आत्मनिर्भर भारत के लिए आत्मनिर्भर गुजरात’ के मंत्र और प्रधानमंत्री द्वारा स्थापित बेंचमार्क के साथ कार्य कर रहा है। * डिजिटल युग की रीढ़ हैं सेमीकंडक्टर चिप्स मुख्यमंत्री ने कहा कि सेमीकंडक्टर चिप्स आज डिजिटल युग की रीढ़ बन चुके हैं। मोबाइल, ऑटोमोबाइल, रक्षा, अंतरिक्ष और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे सभी क्षेत्रों में इनकी अहम भूमिका है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए सेमीकंडक्टर मिशन, पीएलआई योजना और ‘मेक इन इंडिया’ जैसी पहलों के माध्यम से भारत वैश्विक स्तर पर एक बड़े खिलाड़ी के रूप में उभर रहा है। * सेमीकंडक्टर नीति लागू करने वाला पहला राज्य बना गुजरात मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2022 में सेमीकंडक्टर नीति लागू करने वाला गुजरात देश का पहला राज्य था। टेक्सटाइल, डायमंड और फार्मा जैसे पारंपरिक क्षेत्रों में अग्रणी रहने के बाद अब गुजरात एआई और सेमीकंडक्टर जैसे उभरते क्षेत्रों में भी ‘ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर’ बनने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने कहा कि माइक्रोन का यह प्लांट केवल एक औद्योगिक परियोजना नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों में किया गया निवेश है। ‘मेक इन इंडिया, मेड फॉर द वर्ल्ड’ के मंत्र के साथ विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने के लिए गुजरात पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सतीश/28 फरवरी