राष्ट्रीय
28-Feb-2026
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* साणंद से उभरा भारत का सेमीकंडक्टर युग: पीएम मोदी ने माइक्रोन फेसीलिटी का किया शुभारंभ * रु. 22,516 करोड़ की परियोजना से गुजरात को नई पहचान, 900 दिनों में शुरू हुआ कमर्शियल प्रोडक्शन अहमदाबाद (ईएमएस)| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अहमदाबाद के साणंद में माइक्रोन की अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर एटीएमपी (असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग) फसिलिटी का शुभारंभ करते हुए कहा कि 20वीं सदी का रेगुलेटर तेल था, जबकि 21वीं सदी का रेगुलेटर माइक्रोचिप होगा। उन्होंने कहा कि यह एआई रिवोल्यूशन की सदी है और भारत आज विश्व में एक सक्षम, प्रतिस्पर्धी और भरोसेमंद भागीदार के रूप में उभर रहा है। करीब रु. 22,516 करोड़ की इस परियोजना के साथ गुजरात देश के ‘सेमीकंडक्टर हब’ के रूप में अपनी पहचान स्थापित करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि जो भारत अब तक सॉफ्टवेयर के लिए जाना जाता था, वह अब हार्डवेयर सेक्टर में भी अपनी सशक्त पहचान बना रहा है। भारत तेजी से वैश्विक सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहा है। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, केंद्रीय सूचना-प्रसारण एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव तथा उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान माइक्रोन टेक्नोलॉजी द्वारा डेल टेक्नोलॉजीज के पहले ‘मेड इन इंडिया’ कमर्शियल शिपमेंट को प्रधानमंत्री की उपस्थिति में सौंपा गया। प्रधानमंत्री ने बताया कि जून 2023 में इस परियोजना के लिए एमओयू हुआ, सितंबर में भूमि पूजन किया गया और फरवरी 2026 में कमर्शियल प्रोडक्शन भी शुरू हो गया। उन्होंने कहा कि विकसित देशों में जहां ऐसी प्रक्रियाओं में वर्षों लग जाते हैं, वहीं भारत ने यह उपलब्धि मात्र 900 दिनों में हासिल कर दिखाई है। उन्होंने सेमीकंडक्टर को इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन और एआई रिवोल्यूशन के बीच सबसे बड़ा सेतु बताते हुए कहा कि ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0’ के जरिए देश पूरी वैल्यू चेन—डिजाइन इंजीनियर से लेकर मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स—पर फोकस कर रहा है। अब तक सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम के तहत 10 बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी जा चुकी है। साणंद से अपने व्यक्तिगत जुड़ाव का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कभी यहां साइकिल से घूमते थे और एक एसएमएस के माध्यम से रतन टाटा के प्लांट के साथ ऑटोमोबाइल क्रांति की शुरुआत हुई थी। आज वही साणंद वैश्विक मानचित्र पर सेमीकंडक्टर हब के रूप में उभर रहा है। उन्होंने प्लांट के ‘क्लीन रूम स्पेस’ और जल संरक्षण व रीसाइक्लिंग व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रगति और पर्यावरण के संतुलन का उत्कृष्ट उदाहरण है। अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने वैश्विक निवेशकों को आश्वस्त किया कि भारत सरकार और राज्य सरकारें उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियां इस दशक को भारत के टेक-फ्यूचर का सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट के रूप में याद करेंगी। सतीश/28 फरवरी