- 2.5 करोड़ रुपये से ज़्यादा के फ्लैट को 1.16 करोड़ रुपये में बेचने के लिए किया मजबूर मुंबई, (ईएमएस)। मुंबई के मुलुंड (पश्चिम) में रहने वाले 78 साल के एक वृद्ध व्यक्ति को दो महीने तक यह कहकर डिजिटल अरेस्ट में रखा गया कि उनका नाम जेट एयरवेज के नरेश गोयल से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में सामने आया है, जिसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कर रहा है। इस दौरान सायबर धोखेबाजों ने उन्हें अपना फ्लैट 1.16 करोड़ रुपये में बेचने के लिए मजबूर किया, जबकि उसका बाजार भाव 2.5 करोड़ रुपये से ज़्यादा है। सायबर ठगों उक्त शख्स को किसी को न बताने की चेतावनी दी और उन्हें गिरफ्तार करने एवं जान से मारने की धमकी दी। आख़िरकार जब उन्हें एहसास हुआ कि उनके साथ धोखा हुआ है तो उन्होंने ईस्ट रीजन साइबर पुलिस से संपर्क किया और सीबीआई, साइबर, ईडी, टेलीकॉम डिपार्टमेंट, आरबीआई एवं दूसरे अधिकारियों का नाम लेकर धोखा देने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। जानकारी के अनुसार उनके वॉट्सऐप पर मिले पांच पत्र में से एक, जिसमें गिरफ्तारी वारंट भी शामिल था, पर रिटायर्ड एसीपी दया नायक, जिन्हें उनके केस की जांच कर रहे पुलिस उपायुक्त (साइबर) के तौर पर दिखाया गया था, और असिस्टेंट डायरेक्टर नीरज कुमार के साइन और स्टैम्प थे। धमकी भरे कॉल 26 दिसंबर को शुरू हुए जब पीड़ित शख्स को एक अनजान मोबाइल नंबर से वॉट्सऐप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को सीबीआई पुलिस विजय खन्ना बताया। उस अनजान व्यक्ति ने दावा किया कि उनका नाम जेट एयरवेज़ के नरेश गोयल द्वारा किए गए मनी लॉन्ड्रिंग केस में आया है। उसने कहा कि उनके नाम पर एक राष्ट्रीकृत बैंक में अकाउंट खोला गया है और करीब 2 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग की गई है। खन्ना ने उनसे कहा कि इस मामले में उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पीड़ित शख्स और उनकी पत्नी ने यह बात अपनी दोनों बेटियों से छिपाई, क्योंकि सायबर ठगों ने उन्हें धमकी दी थी कि अगर उन्होंने वेरिफिकेशन के लिए पैसे ट्रांसफर नहीं किए तो वे दोनों को जान से मार देंगे। बहरहाल ईस्ट रीजन साइबर पुलिस कुछ बैंक अकाउंट फ्रीज करने और करीब 17 लाख रुपये ब्लॉक करने में कामयाब रही है। साइबर अधिकारी ने कहा, टीम ने बैंक के नोडल ऑफिसर से संपर्क किया है ताकि उन सभी अकाउंट को फ्रीज किया जा सके जिनमें पैसे ट्रांसफर किए गए थे। साथ ही पुलिस टीम मामले में शामिल व्यक्ति को ट्रैक कर रही है। संजय/संतोष झा- ०१ मार्च/२०२६/ईएमएस