क्षेत्रीय
01-Mar-2026


पूरे देश में उत्साह के साथ मनाई जाएगी महादेव की होली सीहोर (ईएमएस)। दुनिया में भारत अपने त्योहारों के लिए एक अलग पहचान रखता है, यूं तो हर त्योहार प्रेम और सद्भावना से जुड़े हैं। महादेव की होली अब शहर ही नहीं पूरे देश की पहचान बन गई है। हर साल की तरह इस साल भी अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के सानिध्य में काशी, मथुरा और बरसाने की तर्ज पर होगी सीहोर में महादेव की होली, इसकी तैयारियां पूरे शहर में की जा रही है। शहर 5 मार्च को भक्ति और आस्था के अनुपम रंग में रंगने जा रहा है। महादेव की होली इसलिए खास है कि महादेव की होली में केवल गुलाल और फूल का प्रयोग किया जाता है। महादेव की होली में पानी डालना या पानी में घोला गया रंग डालना वर्जित है। क्योंकि शिव भक्त दूर-दूर से आते हे जिनको वापस घर जाने पर दिक्कत होती है इसलिए पानी का प्रयोग वर्जित रहता है। केवल गुलाल और फुल ही प्रयोग किए जाते है। महादेव की होली शिव और गुरु के साथ खेली जाने वाली होली हे जो ये बताती हे की बड़ो के पास बैठोगे तो जीवन खुशियों के रंग से भर जाएगा। महादेव की होली शिव मंदिर से प्रारम्भ होकर शिव मंदिर पर ही विराम होती है। महादेव की होली सिद्धपुर नगर सीहोर का गौरव हे जिसका इंतजार महिला पुरुष बच्चे बूड़े सब को रहता है। महादेव की होली शिव की होली हे पूज्य गुरुदेव बताते है कि केवल शिव ही एक ऐसे है जिनका रंग चड गया तो फिर उतरता नहीं हे बाबा खुशियों के रंग से जीवन को भर देते है। महादेव की होली गुरु के साथ पांच शिव मंदिर में होने वाली होली है। देश भर में महादेव की होली खेलने के लिए तैयारियां शुरू हो गई है। शहर के महादेव मंदिरों में विशेष तैयारियां की जा रही है। शहर के सभी होली समितियों ने अपनी ओर से तैयारियां कर रही है। इसको लेकर पंडित श्री मिश्रा ने सभी देशवासियों को अपने-अपने यहां पर शिव मंदिरों में भगवान शिव को एक लोट चंदन युक्त समर्पित करने को कहा है। इस वर्ष भी आगामी पांच मार्च को नगर पालिका के पास चमत्कालेश्वर महादेव पहुंचेगे इसके पश्चात अन्य शिव मंदिरों से होते हुए प्राचीन मनकामेश्वर महादेव मंदिर तहसील चौराहे पहुंचेंगे। होली का पर्व शहरवासियों का है, इसमें छावनी, मंडी, गंज, कस्बा सहित अन्य के क्षेत्रवासी पूरी आस्था के साथ महादेव की होली खेलते है। एक लोटा केसरिया रंग करें भगवान को समर्पित इस संबंध में संस्कार मंच के मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि गुरुदेव भागवत भूषण पं. प्रदीप मिश्रा के संदेश के अनुसार होली का एक अपना ही आनंद है। इस वर्ष पूरे देश के साथ शहर में भी महोदव की होली आस्था और उत्साह के साथ मनाई जाएगी। गुरुदेव के संदेश के अनुसार प्रत्येक शिव मंदिर में मातृ शक्ति के अलावा सभी श्रद्धालु भगवान शिव की विशेष पूजा अर्चना करेंगे। इसके साथ केसरिया रंग एक लोटे में भरकर भगवान को समर्पण करेंगे और उसके बाद पूरे उत्साह के साथ होली का पर्व मनाया जाएगा। धरती पुत्र भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि उत्साह पूरी शांति के साथ मनाए। महादेव की होली में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं पर सिर्फ गुलाल और फूलों से उनका स्वागत करे। महादेव की दिव्य होली केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि आध्यात्मिक जागरण का पर्व है। ब्रज की होली की तरह ही अब सीहोर की महादेव होली भी देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान बना रही है। यह आयोजन अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के संदेश और मार्गदर्शन में संपन्न होगा। पंडित मिश्रा के आह्वान के बाद देशभर से श्रद्धालु इस पावन उत्सव में शामिल होने के लिए उत्साहित हैं। 5 मार्च को सुबह 9 बजे छावनी स्थित चमत्कारेश्वर महादेव मंदिर से होली की शुरुआत होगी। यहां केसरिया रंग और गुलाल से महादेव के साथ होली खेली जाएगी। इसके बाद शहर के अन्य मंदिर गुप्तेश्वर महादेव, पिपलेश्वर महादेव, नर्मदेश्वर महादेव होते हुए मनकामेश्वर महादेव मंदिर पहुंचेगी। शिव भजनों, ढोल-नगाड़ों और हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजती रहेगी। मनकामेश्वर मंदिर पहुंचकर विशेष आरती के साथ आयोजन का समापन होगा। पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि दुनिया ब्रज की होली देखती है, लेकिन महादेव होली का दर्शन कर आस्था के नए आयाम को अनुभव करने का अवसर है। विमल जैन ईएमएस / 01/03/2026