शाजापुर (ईएमएस)। दुपाड़ा मार्ग स्थित सरस्वती विद्या मंदिर उमावि में प्रांतीय योजना के तहत शाजापुर विभाग का शिशु नगरी (शिशु वाटिका) कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस भव्य आयोजन में जिले के 17 विद्यालयों के विद्यार्थियों, आचार्यों और लगभग 900 अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता, शिशु वाटिका के सह प्रांत प्रमुख संतोष विश्वकर्मा ने उपस्थित जनों को संबोधित किया। उन्होंने शिशु वाटिका की संकल्पना को विस्तार से समझाते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित शिक्षण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आनंद ही शिशु के लिए प्रथम तत्व है। साथ ही उन्होंने बताया कि बच्चों का लालन-पालन पंच तत्वों पर आधारित होना चाहिए, जिससे उनका प्राकृतिक और सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। बाल मेला और 12 शैक्षिक व्यवस्थाओं की प्रदर्शनी बनी आकर्षण इस मौके पर सभी 17 विद्यालयों के विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति और परंपराओं से सराबोर मनमोहक नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। आयोजन स्थल पर शिशु वाटिका की 12 शैक्षिक व्यवस्थाओं पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी लगाई गई थी। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बाल मेला रहा, जिसका शुभारंभ अतिथियों द्वारा किया गया। इस मेले में विद्यार्थियों द्वारा हस्तनिर्मित स्वादिष्ट खाद्य व्यंजनों के स्टॉल लगाए गए थे, जिसे सभी ने खूब सराहा। इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति मंच पर मुख्य अतिथि के साथ विभाग समन्वयक सुरेंद्र जोशी, विद्यालय संचालन समिति के अध्यक्ष भंवर सिंह राठौड़, सचिव अजय पोल, शिशु वाटिका जिला संयोजक सोनिया बाजार, सीबीएसई प्राचार्य राहुल देशमुख, एमपी बोर्ड प्राचार्य देवकरण शर्मा और ज्योति नगर के प्रधानाचार्य चंद्रशेखर शर्मा मंचासीन रहे। साथ ही समिति सदस्य गौरव शर्मा भी मौजूद थे। ईएमएस/ मोहने/ 01 मार्च 2026