- 4 करोड़ का फर्जी मुनाफा दिखाकर व्यापारी से ठगे 65.57 लाख इन्दौर (ईएमएस) साइबर ठगोरो और ठगी की वारदातों के खिलाफ इन्दौर पुलिस द्वारा लगातार चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के बावजूद साइबर ठगोरो का साफ्ट टारगेट बन चुके इन्दौर में साइबर ठगी के मामले रूक नहीं रहे हैं। चार दिन पहले इन साइबर ठगोरो ने एक बुजुर्ग दम्पति को अपनी ठगी का शिकार बनाते उनसे एक करोड़ से ज्यादा की ठगी को अंजाम दिया था वहीं दो दिन पहले एक युवक से एक लाख अस्सी हजार ठग लिए थे अब फिर इन ठगोरो द्वारा एक व्यापारी से 65.57 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। इन साइबर ठगोरो ने इन्दौर के एरोड्रम क्षेत्र में रहने वाले एक व्यापारी को शेयर बाजार में भारी मुनाफे का लालच देकर साइबर 65.57 लाख की चपत लगा दी। ठगों ने व्यापारी का भरोसा जीतने के लिए उसके मोबाइल स्क्रीन पर करीब 4 करोड़ का फर्जी प्रॉफिट दिखाया था। पुलिस को पीड़ित व्यापारी दीपक चांदोरे निवासी महेश एवेन्यू, छोटा बांगड़दा रोड ने बताया कि वह दिसंबर 2025 में फेसबुक पर रील देख रहा था इसी दौरान उसे ऑनलाइन ट्रेडिंग के जरिए कम समय में अधिक पैसा कमाने का एक लुभावना विज्ञापन दिखा। विज्ञापन के लिंक पर क्लिक करते ही वह A69 ABCL Wealth Navigator Club नामक एक व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ गए। ग्रुप में शामिल होने के बाद दीया मेहरा नाम की एक महिला और उसके साथियों ने खुद को निवेश विशेषज्ञ बताया। करीब एक महीने तक ग्रुप में ट्रेडिंग के वीडियो, स्क्रीनशॉट और टिप्स साझा किए गए। जब उसको यकीन हो गया कि यह प्लेटफॉर्म सुरक्षित है, तो उसने निवेश शुरू किया। कैसे हुई यह वर्चुअल यह ठगी? • किस्त दर किस्त निवेश - ठगों के झांसे में आकर दीपक ने अलग-अलग बैंक खातों में कुल 65,57,000 ट्रांसफर कर दिए। • फर्जी डैशबोर्ड - ठगों ने दीपक को एक विशेष ऐप डाउनलोड करवाया था, जिसमें निवेश की गई राशि के बदले 4 करोड़ का मुनाफा दिखाई दे रहा था। • निकासी पर मांगा कमीशन - जब दीपक ने अपना पैसा निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने कहा कि मुनाफा निकालने के लिए उन्हें टैक्स और सर्विस चार्ज के नाम पर और पैसे जमा करने होंगे। यहीं से दीपक को ठगी का अहसास हुआ। दीपक की शिकायत पर इंदौर साइबर सेल और एरोड्रम पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस उन बैंक खातों की जांच कर रही है जिनमें पैसे ट्रांसफर किए गए थे। शुरुआती जांच में पता चला है कि ये खाते फर्जी दस्तावेजों पर खोले गए करंट अकाउंट हो सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अनजान सोशल मीडिया लिंक या व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए निवेश न करें। शेयर मार्केट में निवेश के लिए केवल SEBI (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड) द्वारा मान्यता प्राप्त ब्रोकर्स और ऐप्स का ही उपयोग करें। आनंद पुरोहित/ 03 मार्च 2026