राज्य
03-Mar-2026
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- पुलिस चौकी के सामने ट्रॉली से निकले लाठी-डंडे और टूट पड़े लोग - आरोन थानांतर्गत खिरिया में देर रात विवाद के बाद अस्पताल में घायलों के बीच हुआ भारी हंगामा गुना (ईएमएस)। जिला अस्पताल परिसर मंगलवार को उस समय अखाड़े में तब्दील हो गया, जब अस्पताल चौकी और पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में ही दो पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले। आरोन थाना क्षेत्र के ग्राम खिरिया में बीती रात हुए खूनी संघर्ष के बाद जिला अस्पताल इलाज कराने पहुंचे दोनों पक्ष एक बार फिर आमने-सामने हो गए। हमला इतना अचानक और ताबड़तोड़ था कि पुलिस को मोर्चा संभालकर बीच-बचाव करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। ट्रैक्टर-ट्रॉली से हथियार निकाल पुलिस के सामने किया हमला जानकारी के अनुसार, खिरिया निवासी बंजारा परिवार के सदस्य बीती रात हुए हमले के बाद जिला अस्पताल में भर्ती थे। मंगलवार को ये लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय अपनी शिकायत दर्ज कराने जा रहे थे। तभी अस्पताल परिसर में उन्हें दूसरे पक्ष (यादव समाज) के दो-तीन लोग उपचार के लिए आते दिखे। उन्हें देखते ही बंजारा परिवार के लोग आवेश में आ गए और ट्रैक्टर-ट्रॉली में पहले से छिपाकर रखे गए लाठी-डंडे निकालकर उन पर टूट पड़े। पुलिस चौकी के ठीक सामने हुई इस मारपीट से अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई और मरीज व उनके परिजन जान बचाकर भागने लगे। 3 बीघा पट्टे की जमीन का विवाद, बीती रात घरों में घुसकर हुआ था हमला बंजारा परिवार के अनिल नायक ने बताया कि ग्राम खिरिया में उनकी 3 बीघा पट्टे की जमीन है, जिस पर सागर सिंह यादव और उसके साथी जबरन कब्जा करना चाहते हैं। आरोप है कि सोमवार रात करीब 8 बजे सागर, नीरज, मुकुलराम, कमला और कबूल सहित अन्य लोगों ने लाठी, डंडे और फर्से से लैस होकर बंजारा बस्ती पर हमला कर दिया था। इस हमले में बंजारा परिवार के रामवीर, अनिल, पारो बाई, मेहरबान सिंह, मोहन सिंह और प्रकाश सिंह सहित एक दर्जन लोग घायल हुए। अनिल का आरोप है कि आरोन थाना पुलिस ने उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की, जिसके चलते वे एसपी से गुहार लगाने जा रहे थे। दूसरे पक्ष का दावा, उपचार कराने आए थे, जान बचाना हुआ मुश्किल वहीं, यादव पक्ष के लोगों का कहना है कि उक्त जमीन उनकी है और मामला कोर्ट में विचाराधीन है। मंगलवार को जब वे अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे, तो बंजारा पक्ष ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी मुस्तैदी नहीं दिखाते, तो अस्पताल परिसर में ही कोई बड़ी अनहोनी घटित हो सकती थी। पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग कर स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल जिला अस्पताल में सात घायल भर्ती हैं, जबकि चार अन्य का उपचार आरोन अस्पताल में चल रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है कि आखिर अस्पताल परिसर में हथियारों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली कैसे पहुंची। सीताराम नाटानी