राष्ट्रीय
03-Mar-2026


-सरकारी पोर्टल, सैनिक कम्युनिकेशन सिस्टम को बनाया जा रहा शिकार नई दिल्ली,(ईएमएस)। अमेरिका-इजराइल मिलकर ईरान पर लगातार हमला कर रहे हैं और ईरान भी उनका लगातार जवाब दे रहा है। एक दूसरे के सैन्य ठिकानों और बंकरों को निशाना बनाया जा रहा है और मिसाइल और गोले दागे जा रहे हैं। यह हमला सिर्फ बमबारी और मिसाइल दागने तक सीमित नहीं है। अमेरिका-इजरायल की तरफ से ईरान पर साइबर अटैक भी हो रहा है, जिसमें सरकारी पोर्टल, सैनिक कम्युनिकेशन सिस्टम को शिकार बनाया जा रहा है। इतना ही नहीं ईरान में पॉपुलर ऐप को भी शिकार बनाया गया है, जिसका नाम बादेसबा है। बता दें साइबर अटैक में दुश्मन देश को अलग-अलग तरीकों से शिकार बनाया जाता है। मुख्य मकसद सेना के कम्युनिकेशन सिस्टम को खत्म करना होता है और वहां की जनता को सरकार के खिलाफ करना होता है। ईरान के खिलाफ हो रहे युद्ध में एआई का काफी यूज हो रहा है, जहां बैन होने के बाद भी एनथ्रोपिक के क्लाउड का अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ यूज किया है। भविष्य में एआई ड्रोन अटैक तकनीक का यूज होगा। इस तकनीक के तहत दर्जनों या सैकड़ों ड्रोन एक साथ उड़ान भरते हैं, जिसमें नेटवर्क के जरिए एआई की मदद से ऑटोमैटिक तरीके से मिशन को अंजाम देते हैं। बिना हर ड्रोन को अलग-अलग कंट्रोल किए। सिराज/ईएमएस 03मार्च26