-गिनीज बुक की टीम ने मेयर और नगर आयुक्त को सौंपा सर्टिफिकेट वाराणसी,(ईएमएस)। पीएम नरेंद्र मोदी के 2018 में गोद लिए गए सूजाबाद-दोमरी गांव ने हरियाली के क्षेत्र में नया इतिहास रच दिया। नगर निगम की अगुवाई में एक घंटे में 2,51,446 पौधे रोपे गए। इससे 2018 में चीन के नाम दर्ज 1,53,981 पौधे लगाने का रिकॉर्ड टूट गया। इस उपलब्धि को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड ने आधिकारिक रूप से प्रमाणित किया। गिनीज टीम के ऋषि नाथ और निश्चल बारोट ने ड्रोन और डिजिटल गणना प्रणाली से नजर रखी। इसके बाद टीम ने आधिकारिक रूप से नए रेकॉर्ड की घोषणा करते हुए मेयर अशोक तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल को सर्टिफिकेट दिया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वाराणसी दौरे पर आए सीएम योगी आदित्यनाथ ने सर्किट हाउस में पौधरोपण अभियान के बाद प्रस्तुतीकरण देखा और जुड़े लोगों को सम्मानित किया। इस शहरी वन की सबसे अनूठी विशेषता इसकी बनावट और वैचारिक पृष्ठभूमि है। पूरे वन क्षेत्र को 60 अलग-अलग सेक्टरों में बांटा गया है। हरेक सेक्टर का नाम काशी के प्रसिद्ध गंगा घाटों के नाम पर रखा है। यह बनावट ऐसी है कि भविष्य में जब ये पौधे पेड़ बनेंगे, तो गंगा किनारे एक हरा-भरा मिनी काशी का स्वरूप नजर आएगा। पीएम मोदी की प्रेरणा और सीएम योगी के मार्गदर्शन में यह उपलब्धि सिद्ध करती है कि काशी न केवल अपनी प्राचीन परंपराओं को संजोए हुए है, बल्कि पर्यावरण जैसे वैश्विक मुद्दों पर भी दुनिया का नेतृत्व करने के लिए तैयार है। ढाई लाख पौधों की यह नई सौगात काशी के माथे पर एक और गौरवपूर्ण तिलक है। हरेक सेक्टर में करीब 4,000 से अधिक पौधे लगाए गए हैं। इनमें शीशम, अर्जुन, सागौन और बांस जैसी 27 देशी प्रजातियों के साथ-साथ आम, अमरूद और पपीता जैसे फलदार वृक्षों और अश्वगंधा, शतावरी व गिलोय जैसी औषधियों को प्राथमिकता दी गई है। इन पौधों को जीवित रखने के लिए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। वन क्षेत्र में 10,827 मीटर लंबी अत्याधुनिक पाइपलाइन बिछाई गई है। 10 बोरवेल और 360 रेन गन सिस्टम के जरिए सिंचाई की ऐसी व्यवस्था की गई है कि पानी की बर्बादी न हो। मियावाकी तकनीक के कारण ये पौधे सामान्य की तुलना में 10 गुना तेजी से बढ़ेंगे और मात्र दो से तीन सालों में यह क्षेत्र एक सघन ऑक्सीजन बैंक का रूप ले लेगा। यह परियोजना केवल हरियाली तक सीमित नहीं है, बल्कि नगर निगम के लिए आय का बड़ा स्रोत भी बनेगी। मध्य प्रदेश की एमबीके संस्था के साथ हुए समझौते के तहत तीसरे साल से ही निगम को दो करोड़ रुपए की आय होने लगेगी, जो सातवें साल तक सात करोड़ रुपए वार्षिक तक पहुंच सकती है। मेयर ने कहा कि यह आध्यात्मिक शांति और आधुनिक अर्थशास्त्र का एक अनूठा उदाहरण है। प्रशासन की टीमें स्थल पर डटी रहीं और अंततः काशी ने विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। सिराज/ईएमएस03मार्च26