-टीचरों का आरोप सरकार बार-बार भर्ती और प्रमोशन के बदल रही नियम चंडीगढ़,(ईएमएस)। खन्ना में टेट विवाद को लेकर टीचरों का गुस्सा अब सड़कों पर दिखाई देने लगा है। अलग-अलग टीचर यूनियनों ने विरोध मार्च निकाला और पंजाब सरकार के खिलाफ नारे लगाए। दाना मंडी से शुरू हुआ विरोध मार्च कैबिनेट मंत्री तरुणदीप सिंह सौंध के घर की ओर बड़ा। बड़ी संख्या में पहुंचे टीचरों ने आरोप लगाया कि सरकार बार-बार भर्ती और प्रमोशन के नियम बदल रही है, जिससे टीचरों पर मानसिक दबाव पड़ रहा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक टीचर नेताओं का कहना है कि 2011 से पहले नियुक्त टीचरों पर भी टैट लागू किया जा रहा है। 2017 में दी गई छूट को रद्द कर दिया है और 7 फरवरी 2026 के आदेश के जरिए मास्टर कैडर प्रमोशन के लिए टैट को जरूरी कर दिया है, जिससे हजारों टीचरों पर असर पड़ रहा है। डेमोक्रेटिक जिला अध्यक्ष दलजीत सिंह ने कहा कि 25-30 साल से सेवा दे रहे टीचरों पर फिर से टेस्ट थोपना गलत है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा क्रांति की बात करती है लेकिन दूसरी तरफ टीचरों की छंटनी करने की कोशिश कर रही है। बिक्रमजीत सिंह ने कहा कि अगर सरकार ने 6 तारीख तक कोई हल नहीं निकाला तो संघर्ष और तेज़ होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि 2027 में सरकार का “टेस्ट” भी होगा। एक महिला टीचर ने कहा कि उनकी नियुक्ति सभी योग्यता मापदंड पूरे करने और मेरिट के आधार पर हुई थी। अब सालों बाद फिर से टैट को जरूरी बनाना न सिर्फ गलत है, बल्कि टीचरों की इज्जत और अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने मांग की कि सरकार तुरंत इस फैसले पर विचार करे। सिराज/ईएमएस 03मार्च26