अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो का बयान वाशिंगटन,(ईएमएस)। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने वॉशिंगटन में कहा कि अमेरिका के पास तेल की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने और वैश्विक शिपिंग लेन को सुरक्षित रखने की योजना तैयार है। इसके साथ ही अमेरिका ईरान के मिसाइल हथियारों और नौसैनिक ताकत को कमजोर करने के लिए कार्रवाई कर रहा है। इस बीच टेक्सास के ऑस्टिन में रविवार सुबह एक आतंकी हमला हुआ, जिसमें दो नागरिकों की मौत हुई और 14 अन्य घायल हुए। हमले के तुरंत बाद अमेरिकी लॉ मेकर्स ने 2 मार्च को कांग्रेस के नेताओं को पत्र लिखा। पत्र में उन्होंने कहा कि बंदूकधारी ने ‘वेस्ट सिक्स्थ स्ट्रीट’ पर जमा हुए नागरिकों पर गोलियां चलाईं और पुलिस ने हमलावर को मार गिराया। एफबीआई इस घटना की आतंकी कार्रवाई के रूप में जांच कर रही है। पत्र में लॉ मेकर्स ने कांग्रेस से चार मुख्य मांगें रखी। सबसे पहले, उन्होंने गृह सुरक्षा विभाग (डीएचएस) को पूरी तरह से फंड करने का आग्रह किया, क्योंकि डीएचएस राष्ट्रीय सुरक्षा की फ्रंटलाइन है और बजट रुकावट इसे कमजोर करती है। दूसरा, उन्होंने सभी नए एच-1बी वीजा जारी करने पर रोक लगाने की अपील की, जब तक मौजूदा वीजा होल्डर्स का ऑडिट पूरा न हो जाए। तीसरा, उन्होंने इमिग्रेशन पर व्यापक रोक लगाने की मांग की, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि देश में कौन है और वे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा नहीं हैं। चौथा, उन्होंने फेडरल अधिकारियों से सीमाओं के भीतर मौजूद खतरों की पहचान करने के लिए संसाधनों का पुनर्निर्देशन करने को कहा, जिसमें इमिग्रेशन रिकॉर्ड, कानून प्रवर्तन डेटाबेस और इंटेलिजेंस रिपोर्ट का क्रॉस-रेफरेंस शामिल है। पत्र में जोर दिया गया कि आतंकवादियों के लिए राजनीतिक दल का कोई महत्व नहीं है और सभी अमेरिकी नागरिक समान रूप से खतरे में हैं। अगर कांग्रेस कार्रवाई करने में विफल रहती है, तब राज्य स्तर पर सुरक्षा उपायों के अधिकार को आगे बढ़ाने का सुझाव भी दिया गया। ऑस्टिन हमला अमेरिकी राजनीति में इमिग्रेशन और सीमा सुरक्षा पर बहस को और तेज कर सकता है, क्योंकि डीएचएस फंडिंग और फेडरल अथॉरिटी बनाम राज्य कार्रवाई लंबे समय से विवादित मुद्दे रहे हैं। इस घटनाक्रम के बाद यह स्पष्ट हुआ कि अमेरिका अपनी तेल नीति, सुरक्षा और इमिग्रेशन नियंत्रण को लेकर सक्रिय कदम उठा रहा है और राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है। आशीष दुबे / 03 मार्च 2026