*बड़वानी (ईएमएस)1 कृषि कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत ग्राम नागलवाड़ी (जिला बड़वानी) में आयोजित प्रदेश की प्रथम कृषि कैबिनेट बैठक मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में संपन्न हुई। किसान हित एवं कृषि उन्नयन को समर्पित इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश सहित निमाड़ क्षेत्र के लिए अनेक ऐतिहासिक एवं दूरगामी निर्णय लिए गए, जिनसे प्रदेश के कृषि विकास को नई दिशा मिलने जा रही है।*लोकसभा सांसद श्री गजेंद्र सिंह पटेल ने बताया* कि 11 नवम्बर 2025 को मुख्यमंत्री जी को पत्र प्रेषित कर पानसेमल एवं वरला माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया था। उनके निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप अब पानसेमल माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना को ₹1207.44 करोड़ तथा वरला माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना को ₹860.53 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हुई है, जिससे लगभग 88 ग्राम लाभान्वित होंगे। इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से जनजातीय अंचल में सिंचाई सुविधाओं का व्यापक विस्तार होगा, कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी तथा स्थानीय स्तर पर कृषि के माध्यम से अवसर सृजित होने से पलायन की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण होगा। केबिनेट बैठक में बड़वानी में आधुनिक नवीन कृषि उपज मंडी की स्थापना, खेतिया कृषि उपज मंडी को आदर्श मंडी के रूप में विकसित करने तथा भीलटदेव क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का महत्वपूर्ण निर्णय भी लिया गया। इस निर्णय से क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ व्यापार एवं पर्यटन गतिविधियों को भी प्रोत्साहित करेंगी। इसके अतिरिक्त संसदीय क्षेत्र खरगोन–बड़वानी सहित संपूर्ण निमाड़ एवं प्रदेश के लिए ₹27,746 करोड़ की राशि से 16 प्रमुख योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है। इनमें नर्मदा घाटी विकास, विभिन्न सिंचाई परियोजनाएं, पशुपालन, उद्यानिकी तथा सहकारिता से जुड़े किसान हितैषी प्रस्ताव शामिल हैं, जो निमाड़ के समग्र कृषि विकास को नई गति देंगे। लोकसभा सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने क्षेत्र के समस्त किसान बंधुओं की ओर से प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि इन ऐतिहासिक निर्णयों से निमाड़ क्षेत्र कृषि समृद्धि की दिशा में नए आयाम स्थापित करेगा। ईएमएस/मोहने/ 03 मार्च 2026