क्षेत्रीय
05-Mar-2026
...


- होला महल्ला महापर्व में बिखरे गुरुवाणी के इलाही रंगों में सराबोर हुए श्रद्धालु जबलपुर, (ईएमएस)। साहिब श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की इलाही गुरुवाणी गूंज रही थी राम जपो जी ऐसे ऐसे ध्रुव प्रहलाद जपिओ हरि जैसे, अवसर था, होली पर सिख समाज द्वारा मनाया जाने वाला होला मोहल्ला महापर्व का, जो पुण्य सलिला नर्मदा के परले तट पर स्थित कगुरुद्वारा गौरीघाट में हर्षोल्लास, आस्था उमंग के साथ धूमधाम से मनाया गया ।रागी जत्था भाई गुरदीप सिंह, मनप्रीत कौर खालसा, छत्तीसगढ़ ने सम सामयिक गुरुवाणी शबद आज हमारे मंगलचार आज हमारे महा आनंद, आज हमारे बने फाग प्रभु मंगी मिल खेलत लाग पेश कर साध संगत को रसविभोर कर दिया। गुरुवाणीविद कथावाचक ज्ञानी बलविंदर सिंह, देहरादून ने कहा कि होला महल्ला पर गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज ने भक्ति के साथ साथ शक्ति का ऐतिहासिक पैगाम देकर शस्त्र विद्या की शुरुआत की । हुजूरी रागी जत्था भाई मनप्रीत सिंह, स्त्री सत्संग सभा,एवं भाई सतनाम सिंह, रांझी ने शबद होली कीनी संत सेव रंग लागा अति लाल देव लाल रंग जिसको लगा उसके बड़भागा, का सरस गायन किया। मुख्य ग्रंथी ज्ञानी लखबीर सिंह, गिरजा सिंह एवं जसप्रीत सिंह ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब का हुकुमनामा एवं अरदास संपन्न करवाई। इस दौरान विभिन्न सेवादारों सहित गुरमत क्विज के छात्रों को सम्मानित किया गया। समापनोपरांत सिख मार्शल आर्ट गतकां के रोचक मुकाबले हुए । यहां पगड़ी का लंगर लगाकर निःशुल्क पगड़ियां बांटी गई और बच्चों को पगड़ी बांधने की कला सिखाई गई । बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मत्था टेक कर गुरु का लंगर और कडाह प्रसाद ग्रहण किया। गुरुद्वारा ग्वारीघाट प्रबंधक कमेटी के प्रधानसाहब गुलजीत सिंह ने आभार व्यक्त किया वहीं कार्यक्रम का संचालन ज्ञानी फुलबीर सिंह फूल ने किया। आयोजन में सर्वत्र उल्लास बिखरा रहा । श्रद्धालुओं हेतु निःशुल्क नाव की व्यवस्था की गई थी। सुनील साहू / मोनिका / 05 मार्च 2026/ 02.58