मिसाइल और ड्रोन हमलों से ईरान, इजरायल और कई खाड़ी देशों में सैकड़ों लोगों की मौत भारत के दरवाजे पर पहुंची जंग... -भारत से लौट रहे ईरानी युद्धपोत पर अमेरिका का हमला, 87 नौसैनिकों की मौत,32 का रेस्क्यू... -ईरान बोला-अमेरिका ने भारत के गेस्ट शिप पर हमला किया, उन्हें करारा जवाब देंगे... तेहरान/तेल अवीव/नई दिल्ली(ईएमएस)। अमेरिका और ईरान के बीच सीधा युद्ध छठे दिन में पहुंच चुका है। शुरुआत में हुए संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर के बाद हालात और ज्यादा बिगड़ गए। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच मिसाइल और ड्रोन हमले तेज हो गए हैं। ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल के शहरों जैसे तेल अवीव और यरूशलम को निशाना बनाया है। साथ ही उसने कतर, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात जैसे खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और कुछ नागरिक ठिकानों पर भी हमले किए हैं। इससे पूरा क्षेत्र तनाव में है। यह संघर्ष अब सिर्फ मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहा। जंग भारत के दरवाजे पर पहुंच गई है। श्रीलंका के पास हिंद महासागर में एक अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरान के एक युद्धपोत को डुबो दिया। इससे यह साफ हो गया है कि युद्ध का असर दूर-दूर तक फैल रहा है। इस बीच आइए जानते हैं कि युद्ध के दौरान कहां, कितने लोगों की जान चली गई। अमेरिका ने भारत से लौट रहे एक ईरानी युद्धपोत आईआरआईएस देना को श्रीलंका के पास हमला कर डुबा दिया है। हमले में अब तक 87 ईरानी नौसैनिक मारे गए हैं। यह जानकारी श्रीलंकाई सरकार ने दी है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बताया कि हिंद महासागर में अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी जहाज को टॉरपीडो से निशाना बनाकर डुबा दिया। श्रीलंका की नेवी ने 32 घायल नौसैनिकों का रेस्क्यू कर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया है। यह ईरानी युद्धपोत पिछले महीने भारत के विशाखापट्टनम में आयोजित 2026 इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में हिस्सा लेकर लौट रहा था। श्रीलंकाई अधिकारियों ने अल जजीरा को बताया कि बुधवार सुबह करीब 6 से 7 बजे के बीच (भारतीय समय के मुताबिक) मदद के लिए मैसेज भेजा। यह जहाज दक्षिणी श्रीलंका के गाले शहर से करीब 40 समुद्री मील (करीब 75 किलोमीटर) दूर था। ईरान में 1230 लोगों की मौत ईरान ने सबसे ज्यादा नुकसान होने की बात कही है। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, अब तक 1230 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 175 स्कूली छात्राएं और स्कूल स्टाफ भी शामिल हैं, जिनकी मौत युद्ध के पहले दिन दक्षिणी शहर मिनाब के एक प्राथमिक स्कूल पर मिसाइल हमले में हुई। यह जानकारी ईरान की मानवीय संस्था ईरानी रेड क्रेसेंट सोसाइटी ने दी है। यह साफ नहीं है कि कुल मृतकों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्र्स के सैनिक भी शामिल हैं या नहीं। इजरायल में अब तक 10 नागरिकों की मौत की पुष्टि की गई है। इनमें से नौ लोगों की मौत 1 मार्च को यरूशलम के पास बीट शेमेश में ईरानी मिसाइल हमले में हुई। यह जानकारी इजरायल की एंबुलेंस सेवा मागेन डेविड एडोम ने दी है। इजरायली रक्षा बलों ने अब तक किसी सैन्य हताहत की पुष्टि नहीं की है। लेबनान में 77 लोग मारे गए लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक इजरायली हमलों में वहां 77 लोग मारे गए हैं। बहरीन में मिसाइल को रोकने की कार्रवाई के बाद सलमान इंडस्ट्रियल सिटी में आग लग गई, जिसमें एक शख्स की मौत हो गई। यह जानकारी बहरीन के गृह मंत्रालय ने दी। कुवैत में ईरानी हमलों में तीन लोगों की जान गई है। इनमें दो कुवैती सैनिक शामिल हैं। यह जानकारी कुवैत के स्वास्थ्य और विदेश मंत्रालय ने दी है। ओमान के तट के पास मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले उत्पाद टैंकर एमकेडी व्योम पर एक प्रोजेक्टाइल गिरने से एक शख्स की मौत हो गई। संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने तीन लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार कुवैत में एक सैन्य सुविधा पर हमले में छह अमेरिकी सैनिक मारे गए। सीरिया के दक्षिणी शहर स्वेइदा में एक इमारत पर ईरानी मिसाइल गिरने से चार लोगों की मौत हुई, यह जानकारी सरकारी समाचार एजेंसी साना ने दी। इराक के स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक वहां कम से कम 13 लोगों की मौत हुई है। इनमें 11 मिलिशिया सदस्य, एक सेना का जवान और एक आम नागरिक शामिल है। इन आंकड़ों से साफ है कि यह संघर्ष सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं रह गया है। खाड़ी देशों और आसपास के इलाकों में भी इसका असर साफ दिखाई दे रहा है। बढ़ती मौतों और हमलों ने पूरे क्षेत्र में अस्थिरता और डर का माहौल बना दिया है ईरान पर हमला रोकने वाला प्रस्ताव फेल अमेरिकी संसद ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने वाला एक प्रस्ताव खारिज कर दिया है। मतदान में प्रस्ताव के पक्ष में 47 और विरोध में 53 वोट पड़े। इसका मतलब यह है कि अब ट्रम्प ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रख सकते हैं। इस बीच ईरान के विदेश मंत्री ने श्रीलंका के तट के पास ईरानी युद्धपोत पर हुए अमेरिकी हमले की कड़ी निंदा की है। ईरान ने इसे समुद्र में हुई बर्बरता बताया है। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक्स पर लिखा, ‘फ्रिगेट डेना, जो भारतीय नौसेना के मेहमान के रूप में लगभग 130 नाविकों को लेकर जा रहा था, उसे अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में बिना किसी चेतावनी के निशाना बनाया गया। अमेरिका को इसके बुरे नतीजे भुगतने पड़ेंगे। मोबाइल मिसाइल लॉन्च ट्रक को उड़ाया ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजराइल हमले का आज छठा दिन है। इजराइली और अमेरिकी सेनाओं ने गुरुवार को भी ईरान के अहम ठिकानों पर मिसाइलें दागीं। ईरान के इजराइल और गल्फ देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों के साथ अन्य जगहों पर भी हमले जारी हैं। 28 फरवरी को शुरू हुई इस जंग में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामनेई की मौत हो चुकी है। अमेरिका-इजराइल तीन दिन में 2000 से ज्यादा बम गिरा चुके हैं। इससे ईरान में 1,045 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। विनोद उपाध्याय / 05 मार्च, 2026