भारत को 95 लाख बैरल तेल देने को तैयार है रूस नई दिल्ली(ईएमएस)। अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान पर किए जा रहे हमलों के छठे दिन युद्ध का दायरा अब मिडिल ईस्ट की सीमाओं को पार कर हिंद महासागर तक फैल चुका है। एक तरफ जहां ईरान के 33 नागरिक और सैन्य ठिकानों पर बड़े हमले हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से वैश्विक व्यापार और ऊर्जा सप्लाई पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। इस बीच मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारत के लिए तेल सप्लाई को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है। रूस भारत को क्रूड ऑयल भेजने के लिए तैयार है ताकि संभावित सप्लाई रुकावटों का असर कम किया जा सके। इंडस्ट्री सोर्स के मुताबिक, लगभग 9.5 मिलियन बैरल रूसी क्रूड ऑयल से भरे जहाज पहले ही भारतीय पानी के पास हैं और कुछ ही हफ्तों में रिफाइनर तक पहुंच सकते हैं। यह कदम इसलिए अहम है क्योंकि भारत के पास फिलहाल केवल करीब 25 दिनों की क्रूड डिमांड के बराबर स्टॉक है, जबकि रिफाइनर के पास गैसऑयल, गैसोलीन और लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस का भी उतना ही लिमिटेड स्टॉक है। भारत सरकार के एक सोर्स ने कहा कि नई दिल्ली मिडिल ईस्ट में 10-15 दिनों के बाद भी जारी लड़ाई की तैयारी के लिए दूसरी सप्लाई ढूंढ रही है। नई दिल्ली ने अमेरिकी टैरिफ से राहत मांगी, जिससे कुल तेल इंपोर्ट में मॉस्को का हिस्सा घटकर 21.2 प्रतिशत रह गया। सोर्स ने कहा कि फरवरी में यह हिस्सा वापस बढक़र लगभग 30 प्रतिशत हो गया। दो रिफाइनिंग सोर्स के अनुसार, भारतीय रिफाइनर रूसी क्रूड बेचने वाले ट्रेडर्स के साथ रेगुलर कॉन्टैक्ट में हैं, लेकिन रूस से इंटेक में कोई भी बढ़ोतरी सरकार के गाइडेंस पर निर्भर करेगी क्योंकि यूनाइटेड स्टेट्स के साथ ट्रेड बातचीत जारी है। दूसरी सप्लाई ढूंढने पर मजबूर इस रुकावट का मार्केट पर तुरंत असर होगा, भारत का लगभग 40 प्रतिशत क्रूड इम्पोर्ट होर्मुज स्ट्रेट से होकर जाता है, जो दुनिया का सबसे जरूरी तेल एक्सपोर्ट रूट है और इस रूट के लगभग बंद होने से नंबर 3 तेल कंज्यूमर को दूसरे ऑप्शन ढूंढने पर मजबूर होना पड़ा है। भारतीय रिफाइनर हर दिन लगभग 5.6 मिलियन बैरल क्रूड प्रोसेस करते हैं। ईरान-बेस्ड टारगेट पर यूएस और इजराइली हमलों के बाद ईरानी हमलों में जहाजों के टकराने के बाद स्ट्रेट तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। इंडस्ट्री सोर्स ने कहा कि रूस भारत की क्रूड की 40 प्रतिशत तक जरूरतों को पूरा करने में मदद करने के लिए तैयार है। इंडस्ट्री के डेटा से पता चला कि जनवरी में भारत का रूसी क्रूड का इंपोर्ट घटकर लगभग 1.1 मिलियन बैरल प्रति दिन रह गया, जो नवंबर 2022 के बाद सबसे कम है। यूरोप में गैस सप्लाई रुकने की चेतावनी ईरान संकट के वजह से ऊर्जा की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हो गई है। ऐसे में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चेतावनी दी कि रूस अभी यूरोप को गैस की सप्लाई रोक सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसा फैसला इसलिए लिया जा सकता है क्योंकि यूरोपीय यूनियन रूस से गैस और एलएनजी खरीदने पर प्रतिबंध लगाने की योजना बना रहा है। विनोद उपाध्याय / 05 मार्च, 2026