मुंबई (ईएमएस)। ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई का निधन 28 फरवरी 2026 को अमेरिका–ईरान संघर्ष के दौरान हुआ था। उनकी मौत के बाद दुनिया भर में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं, जिनमें भारत के कई राज्यों में शिया समुदाय के कुछ हिस्सों द्वारा शोक मनाया जाना भी शामिल है। इसी बीच रियलिटी शो बिग बॉस 19 की रनरअप फरहाना भट्ट का बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस तेज हो गई। फरहाना ने एक इंटरव्यू में कहा कि खामेनेई एक ऐसी शख्सियत थे जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि वह कई लोगों के दिलों में हमेशा जिंदा रहेंगे और अल्लाह उनकी शहादत कबूल करे। उन्होंने बताया कि इस खबर के बाद से वे बेहद दुखी हैं और सेहरी के बाद बिल्कुल नहीं सो पाईं। फरहाना के अनुसार, कश्मीर में भी इस खबर को लेकर लोगों में गहरा दुख है और कई लोग हिल चुके हैं। उनका यह वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हुआ और लोगों ने इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। फरहाना के बयान की आलोचना करते हुए टीवी अभिनेत्री हिना खान के पति रॉकी जयसवाल ने सोशल मीडिया पर लिखा कि देश के प्रति वफादारी सबसे पहले होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी तानाशाह के प्रति सहानुभूति जताना आसान है, लेकिन यह भूल नहीं जाना चाहिए कि आप एक लोकतांत्रिक देश में पूरी स्वतंत्रता के साथ रहते हैं। रॉकी ने तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने कभी किसी भारतीय सैनिक, आतंकी हमले के पीड़ित या यहां तक कि महान वैज्ञानिक एपीजे अब्दुल कलाम के लिए भी ऐसा दुख और आंसू नहीं देखा। रॉकी ने आगे लिखा कि अगर कोई अपनी निजी भावनाएं सार्वजनिक तौर पर व्यक्त करता है तो उसे आलोचना के लिए भी तैयार रहना चाहिए। उनके अनुसार, ऐसे विदेशी नेता के लिए शोक व्यक्त करना, जो हमेशा भारत के विरोध में रहा, उन लोगों के साथ अन्याय है जो देश की रक्षा करते हैं। फरहाना के वीडियो पर सोशल मीडिया पर भी लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। एक यूजर ने उन्हें सलाह देते हुए लिखा कि बिना पूरी सच्चाई जाने ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ईरान में कई निर्दोषों को कष्ट झेलना पड़ा है और यह मामला धर्म का नहीं बल्कि इंसानियत का है। एक अन्य यूजर ने तंज किया कि अगर फरहाना खामेनेई को इतना मानती हैं तो वह खुद बुर्का क्यों नहीं पहनतीं। सुदामा/ईएमएस 06 मार्च 2026