अंतर्राष्ट्रीय
06-Mar-2026
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ईरानी हमलों के चलते पुराने सभी धार्मिक स्थलों को अस्थायी रूप से किया जा रहा बंद येरुशलम,(ईएमएस)। ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच इजराइल ने बड़ा और विवादित फैसला लिया है1 इजराइली प्रशासन ने कब्जे वाले पूर्वी येरुशलम में स्थित अल-अक्सा मस्जिद में जुमे की नमाज पर रोक लगा दी है। यह फैसला रमजान के पवित्र महीने में लिया गया है, जिससे मुस्लिम समुदाय भड़क गया है। इजराइल की सिविल एडमिनिस्ट्रेशन ने कहा कि यह फैसला सुरक्षा कारणों के चलते लिया गया है। उनका कहना है कि ईरान की ओर से इजराइल और पूरे क्षेत्र पर किए जा रहे मिसाइल हमलों को देखते हुए एहतियाती कदम उठाना जरूरी था। मीडिया रिपोर्ट में इजराइली अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि पुराने शहर के सभी धार्मिक स्थलों को अस्थायी रूप से बंद किया जा रहा है। इसमें वेस्टर्न वॉल, टेंपल माउंट और चर्च भी शामिल हैं1 प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अगले आदेश तक किसी भी धर्म के श्रद्धालुओं या पर्यटकों को इन स्थानों में प्रवेश की इजाजत नहीं दी जाएगी। दरअसल पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। अमेरिका और इजराइल ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की है, जिसके जवाब में ईरान लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है। इन हमलों में अब तक इजराइल में करीब 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि ईरान में इजराइल और अमेरिका के हमलों में 1200 से ज्यादा लोगों की मौत बताई जा रही है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि अल-अक्सा मस्जिद को लेकर तनाव नया नहीं है। पिछले महीने भी इजराइली प्रशासन ने रमजान की पहली नमाज के लिए पश्चिमी तट से आने वाले फिलिस्तीनियों की संख्या सिर्फ 10 हजार तक सीमित कर दी थी, जबकि आम तौर पर यहां लाखों लोग इकट्ठा होते हैं। अल-अक्सा परिसर में करीब पांच लाख लोगों के एक साथ नमाज पढ़ने की क्षमता है। मस्जिद पुराना शहर ईस्ट येरूशेलम में स्थित है, जिसे इजराइल ने 1967 के युद्ध के बाद अपने कब्जे में ले लिया था। अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक यह कब्जा अवैध है, लेकिन इसके बावजूद यहां सुरक्षा व्यवस्था और प्रवेश नियंत्रण इजराइल के हाथ में है। सिराज/ईएमएस 06मार्च26