खेल
06-Mar-2026
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अहमदाबाद (ईएमएस)। भारतीय क्रिकेट टीम के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा जिस प्रकार से विश्वकप क्रिकेट के अब तक के मैचों में असफल रहे है उसके बाद से ही उनके फाइनल के लिए टीम में रहने को लेकर संशय पैदा हो गया है हालांकि उन्हें टीम से बाहर किये जाने की संभावनाएं नहीं हैं। माना जा है कि खिताबी मुकाबले के लिए टीम में बदलाव का जोखिम प्रबंधन नहीं लेगा। इस टूर्नामेंट में भारत के दो सलामी बल्लेबाजों की किस्मत एकदम से विपरीत रही। अब सभी की नजरें इस बात पर रहेंगी कि अभिषेक इस मुकाबले में कैसा प्रदर्शन करते हैं। वह अपने पिछले छह मैचों में 0, 0, 0, 15, 10 और 9 रन ही बना पाये हैं। वे केवल एक ही मैच में जिम्बाब्वे के खिलाफ 50 से अधिक रन बना पाये थे। माना जा रहा है कि टीम प्रबंधन फाइनल मुकाबले के लिए शीर्ष क्रम में कोई बदलाव नहीं करेगा। इंग्लैंड के खिलाफ मैच के बाद अभिषेक के सलामी जोड़ीदार संजू सैमसन ने कहा, हम अपने सभी खिलाड़ियों का ध्यान रख रहे हैं। साथ ही कहा कि कोच और कप्तान को को अभिषेक पर पूरा भरोसा है। गौरतलब है कि मुंबई में पहले लीग मैच के बाद अभिषेक के पेट में संक्रमण हो गया था जिसके लिए उन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ा था। इससे उनका वजन कम हो गया और प्रतियोगिता के महत्वपूर्ण चरण के दौरान उनकी लय बिगड़ गई। यही नहीं विरोधी टीमों ने उनपर अंकुश लगाने के लिए शुरुआती ओवरों में धीमी गति के गेंदबाजों का इस्तेमाल किया है, विशेषकर ऑफ स्पिनरों और बाएं हाथ के स्पिनरों का। इससे उन्हें पारी की शुरुआत में वह गति नहीं मिल पाती जिसके साथ वे खेलना पसंद करते हैं। इस कारण वह शुरुआत में ही अपने विकेट गंवा रहे हैं। पाकिस्तान के खिलाफ पावरप्ले में उन्होंने ऑफ स्पिनर पर आक्रामक शॉट खेलने के प्रयास में कैच दे दिया था। वहीं नीदरलैंड के खिलाफ ऑफ स्पिनर ने उन्हें कोण लेती गेंद पर आउट किया। इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में भी धीमी गेंद पर शॉट खेलने की कोशिश में वह फिर से जल्दबाजी कर बैठे और मनचाहा शॉट नहीं लगा पाए। एक और तकनीकी पहलू उनके बल्ले के डाउनस्विंग की गति है। जब गेंद तेजी ये आती है तो तेज डाउनस्विंग के कारण उन्हें धीमी गेंदों से तालमेल बिठाने में मुश्किल हो सकती है। भारत के पास अंतिम मैच में रिंकू सिंह को टीम में शामिल करने का विकल्प है पर इससे बल्लेबाजी संयोजन पर असर पड़ सकता है जो टीम नहीं चाहेगी। ईएमएस 06 मार्च 2026