क्षेत्रीय
07-Mar-2026
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- एक बार में मिल रहे सिर्फ 20 हजार रुपए सरगुजा(ईएमएस)। जिले में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को अपनी ही मेहनत की कमाई निकालने के लिए सहकारी बैंकों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। किसानों को घंटों लाइन में लगने के बाद भी एक बार में सिर्फ 20 हजार रुपए ही दिए जा रहे हैं, जिससे वे काफी परेशान हैं। आकाशवाणी चौक स्थित सहकारी बैंक शाखा में किसानों की लंबी कतार देखने को मिली। किसान सुबह से बैंक पहुंचकर पैसा निकालने के लिए इंतजार करते रहे। किसानों का कहना है कि उन्होंने लाखों रुपए का धान बेचा है, लेकिन बैंक से एक बार में केवल 20 हजार रुपए ही नकद दिए जा रहे हैं। किसानों ने बताया कि एक बार 20 हजार रुपए निकालने के बाद उन्हें चार दिन बाद फिर से बैंक आने के लिए कहा जाता है। इससे उन्हें बार-बार बैंक के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कई किसानों ने यह भी बताया कि जिनके घरों में शादी जैसे जरूरी काम हैं, उन्हें भी पर्याप्त नकद राशि नहीं मिल पा रही है। बैंक प्रबंधन के अनुसार कर्मचारियों की कमी के कारण केवल एक ही काउंटर से काम किया जा रहा है, जिसके चलते किसानों की लंबी लाइन लग रही है। सहकारी बैंक के एडिशनल सीईओ बीकेपी सिंह ने बताया कि सहकारी बैंकों के सामने नगदी की कमी की समस्या है। उन्होंने कहा कि एक शाखा को प्रतिदिन अधिकतम दो करोड़ रुपए ही नकद उपलब्ध हो पा रहे हैं, क्योंकि सरकारी और निजी बैंकों से इससे अधिक नगदी नहीं मिल पा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि किसानों को चेक, एटीएम और आरटीजीएस जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, लेकिन अधिकांश किसान इनका उपयोग नहीं करना चाहते। इसके अलावा किसान सहकारी बैंक के खातों में पैसा रखने के बजाय उसे निकालकर दूसरे बैंकों में जमा कर देते हैं। बैंक प्रबंधन का कहना है कि किसानों की जरूरत के अनुसार नगद राशि उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है, लेकिन कर्मचारियों की कमी और नगदी की सीमित उपलब्धता के कारण फिलहाल यह स्थिति बनी हुई है। सत्यप्रकाश(ईएमएस)07 मार्च 2026