तेलअवीव,(ईएमएस)।मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान ने इजरायल पर एक बार फिर जोरदार सैन्य प्रहार किया है। इस बार के हमले में ईरान द्वारा विवादित क्लस्टर बमों के इस्तेमाल का दावा किया गया है, जिसके चलते इजरायल की आर्थिक राजधानी तेल अवीव समेत कई प्रमुख शहरों में भारी दहशत का माहौल देखा जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय संवाददाताओं के अनुसार, हमले के दौरान तेल अवीव में लगातार सायरन की आवाजें गूंजती रहीं और लोग अपनी जान बचाने के लिए बदहवास होकर बंकरों और सुरक्षित शेल्टरों की ओर भागते नजर आए। ईरान ने इस हमले के लिए अपनी शक्तिशाली बैलिस्टिक मिसाइलों का उपयोग किया, जिनके जरिए क्लस्टर बम दागे गए। गुरुवार और शुक्रवार की दरम्यानी रात आसमान में भयावह दृश्य देखने को मिले। चश्मदीदों ने बताया कि रात के अंधेरे में अचानक नारंगी रंग की तेज चमक फैली और आग के गोलों की तरह दिखने वाले बम तीव्र गति से जमीन की ओर बढ़ने लगे। हमले की गंभीरता को देखते हुए पूरे देश में आपातकालीन सायरन बजा दिए गए। सड़कों पर चल रहे लोग अपनी गाड़ियां बीच रास्ते में ही छोड़कर नजदीकी सुरक्षित स्थानों की ओर दौड़ पड़े। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों को घरों के भीतर रहने और शेल्टरों का उपयोग करने की सख्त हिदायत दी है। युद्ध क्षेत्र से सामने आए फुटेज में आसमान में कई विस्फोट होते दिखाई दे रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ये क्लस्टर बम के सबम्युनिशन हो सकते हैं। क्लस्टर बम एक ऐसा खतरनाक हथियार है जो हवा में फटकर दर्जनों या सैकड़ों छोटे बमों में बिखर जाता है, जिससे एक साथ बहुत बड़े क्षेत्र में तबाही मचती है। इनका वजन आमतौर पर 500 से 1000 किलोग्राम तक होता है, जिन्हें केवल भारी बैलिस्टिक मिसाइलें ही वहन कर सकती हैं। ईरान के पास लंबी दूरी तक मार करने वाली ऐसी मिसाइलों का बड़ा जखीरा है, जिससे वह ऐसे विनाशकारी हथियारों को लंबी दूरी तक भेजने में सक्षम है। इस हमले ने इजरायल की प्रसिद्ध रक्षा प्रणाली आरण डोम पर भी भारी दबाव डाल दिया है। हालांकि, इजरायली एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट करने का प्रयास किया, लेकिन एक साथ बड़ी संख्या में दागे गए रॉकेटों और क्लस्टर बमों के कारण सुरक्षा घेरा भी कुछ हद तक बेबस नजर आया। क्लस्टर बमों का उपयोग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अत्यंत विवादित माना जाता है क्योंकि इनके छोटे बम कई बार तुरंत नहीं फटते और लंबे समय तक नागरिक आबादी के लिए खतरा बने रहते हैं। ईरान के इस आक्रामक रुख के बाद क्षेत्र में पूर्ण युद्ध छिड़ने की आशंका प्रबल हो गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताएं भी बढ़ गई हैं। वीरेंद्र/ईएमएस/07मार्च2026 --------------------------------