* मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के नेतृत्व में महिला सुरक्षा पर सख्ती; 45 दिनों में चार्जशीट और 8-9 महीनों में आए फैसले अहमदाबाद (ईएमएस)| गुजरात सरकार महिलाओं और नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर सख्ती से काम कर रही है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व और गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार बेटियों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में आणंद जिले में पोक्सो एक्ट के मामलों में सख्त कार्रवाई के परिणाम सामने आए हैं। आणंद जिले में गुरुवार को पोक्सो के दो अलग-अलग मामलों में अदालत ने आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। खास बात यह है कि इन दोनों मामलों की जांच करने वाले अधिकारी ने पोक्सो के कुल सात मामलों में 100 प्रतिशत सजा का रिकॉर्ड बनाया है, जिनमें से छह आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है। जिला पुलिस प्रमुख जी.जी. जसाणी के सीधे मार्गदर्शन में तत्कालीन सीपीआई (पेटलाद डिवीजन) और वर्तमान में बोरसद पुलिस स्टेशन में तैनात पुलिस इंस्पेक्टर डी.आर. चौधरी और उनकी टीम ने मार्च 2024 से दिसंबर 2024 के बीच दर्ज पोक्सो मामलों की ‘टॉप-टू-बॉटम’ जांच की। सटीक और वैज्ञानिक जांच के कारण सभी सात मामलों में अदालत ने आरोपियों को दोषी करार दिया। इन मामलों में पुलिस ने अपराध दर्ज होने के अधिकतम 45 दिनों के भीतर चार्जशीट अदालत में पेश कर दी थी। तेज जांच और मजबूत सबूतों के कारण महज 8 से 9 महीनों के भीतर अदालत के फैसले भी आ गए। सात मामलों में से छह में आरोपियों को 20 वर्ष की कठोर कैद यानी उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जांच के दौरान पारंपरिक तरीकों के साथ आधुनिक तकनीक का भी उपयोग किया गया। ‘ई-साक्ष्य’ एप्लिकेशन के माध्यम से गवाहों के बयान और पंचनामा की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई, जिससे अदालत में सबूत कमजोर न पड़ें। इसके अलावा क्राइम सीन मैनेजर और एफएसएल की मदद से जुटाए गए वैज्ञानिक और मेडिकल साक्ष्यों ने भी आरोपियों को सजा दिलाने में अहम भूमिका निभाई। आणंद पुलिस की इस संवेदनशील और त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने पुलिस इंस्पेक्टर डी.आर. चौधरी और उनकी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि गुजरात पुलिस की सजगता और संवेदनशीलता से राज्य की बेटियों और उनके परिवारों में सुरक्षा का भरोसा और मजबूत हुआ है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ अपराधों के मामलों में किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी और दोषियों को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। सतीश/07 मार्च