क्षेत्रीय
07-Mar-2026
...


बिलासपुर (ईएमएस)। प्रतिभा केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं होती, यह गांव और छोटे शहरों में भी मौजूद है। इसी बात को साबित करते हुए बिलासपुर की छात्रा निकिता झलारिया ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। गुजरात ग्रासरूट्स इनोवेशन ऑग्मेंटेशन नेटवर्क (जीआईएएन), अहमदाबाद द्वारा आयोजित नवाचार प्रतियोगिता में निकिता को एपीजे अब्दुल कलाम इग्नाइटेड माइंड अवार्ड से सम्मानित किया गया। उन्होंने स्कूटी के लिए ‘नाइट सेफ्टी स्कैनर’ का अभिनव मॉडल प्रस्तुत किया था। निकिता स्वामी आत्मानंद शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूल, धुरीपारा की छात्रा हैं। उनकी इस उपलब्धि से स्कूल और शिक्षा जगत में खुशी का माहौल है। देशभर से चुने जाते हैं नवाचार इस प्रतियोगिता का उद्देश्य बच्चों और युवाओं में छिपी नवाचार क्षमता को सामने लाना है। इस पहल के जनक अनिल गुप्ता हैं, जो भारतीय प्रबंधन संस्थान अहमदाबाद के पूर्व प्रोफेसर और पद्मश्री से सम्मानित हैं। प्रतियोगिता के माध्यम से देशभर के छात्रों को अपनी नई सोच और तकनीकी आइडिया प्रस्तुत करने का मंच मिलता है। छत्तीसगढ़ में आविष्कार संचारक ने कराया आयोजन छत्तीसगढ़ में इस प्रतियोगिता का संचालन ‘ज्ञान अहमदाबाद’ के आविष्कार संचारक अनुपम दे द्वारा किया गया। प्रदेशभर से आए कई नवाचारों में से बिलासपुर की छात्रा निकिता झलारिया का मॉडल सर्वश्रेष्ठ चुना गया। स्कूटी के लिए बनाया ‘नाइट सेफ्टी स्कैनर’ निकिता ने ‘नाइट सेफ्टी स्कैनर इन स्कूटी’ का मॉडल तैयार किया। यह उपकरण रात में वाहन चलाते समय सामने आने वाले संभावित खतरे या अवरोध को पहचानने में मदद कर सकता है। निर्णायक मंडल ने छात्रा की नवाचारी सोच और प्रस्तुति की सराहना करते हुए उसे विजेता घोषित किया। ट्रॉफी, प्रमाणपत्र और नकद पुरस्कार सम्मान के रूप में निकिता को ट्रॉफी, प्रमाणपत्र और 5 हजार रुपए की नकद राशि प्रदान की गई। समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में अनिल गुप्ता उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रख्यात वैज्ञानिक रघुनाथ अनंत माशेलकर थे। सरकारी स्कूल की छात्रा की उपलब्धि पर खुशी सरकारी स्कूल की छात्रा की इस सफलता से स्कूल और शिक्षा जगत में उत्साह का माहौल है। व्याख्याता जय कौशिक ने छात्रा निकिता झलारिया और आयोजन से जुड़े अनुपम दे को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज के समय में बच्चों की प्रतिभा को मंच मिल रहा है। ऐसे अवसर मिलने से छात्रों में नवाचार की सोच विकसित होती है और भविष्य में कई बच्चे विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढऩे के लिए प्रेरित होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि गांव-गांव में प्रतिभा छिपी हुई है, जरूरत है उसे खोजकर सही दिशा देने की। निकिता की सफलता इसी बात का उदाहरण है कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर सरकारी स्कूलों के छात्र भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। मनोज राज 07 मार्च 2026