क्षेत्रीय
07-Mar-2026
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बिलासपुर (ईएमएस)। दुबई घूमने गए जिले के तीन युवकों के लिए यह यात्रा अचानक डर और अनिश्चितता में बदल गई। ईरान-इजऱाइल तनाव के बीच जारी सुरक्षा अलर्ट और लगातार रद्द होती उड़ानों के कारण तीनों युवक नौ दिनों तक दुबई में फंसे रहे। कई बार टिकट बुक होने के बावजूद उड़ानें रद्द होती रहीं। आखिरकार वे सुरक्षित भारत लौट आए हैं और इस समय दिल्ली पहुंच चुके हैं। तीनों युवक शिवम मिश्रा, आकाश अग्रवाल और आयुष अग्रवाल बिलासपुर जिले के करगी रोड कोटा क्षेत्र के रहने वाले हैं। पीएससी परीक्षा के बाद पहली विदेश यात्रा शिवम मिश्रा ने बताया कि 22 फरवरी को उन्होंने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की परीक्षा दी थी। इसके अगले ही दिन 23 फरवरी को वे अपने दोस्तों आकाश अग्रवाल और आयुष अग्रवाल के साथ दुबई के लिए रवाना हुए। तीनों 23 फरवरी को दुबई पहुंचे थे और 28 फरवरी को उनकी वापसी की टिकट थी। तय कार्यक्रम के अनुसार दुबई से बेंगलुरु और फिर रायपुर होते हुए बिलासपुर लौटना था। 28 फरवरी को एयरपोर्ट पर बोर्डिंग प्रक्रिया शुरू ही हुई थी कि अचानक क्षेत्र में मिसाइल हमलों और सुरक्षा अलर्ट की खबरें आने लगीं। इसके बाद फ्लाइट को निरस्त कर दिया गया। इसके बाद 28 फरवरी से 5 मार्च के बीच कई बार टिकट बुक की गई, लेकिन हर बार उड़ान रद्द होती रही। इस वजह से तीनों युवकों को दुबई में ही रुकना पड़ा और अनिश्चितता में कई दिन गुजारने पड़े। एयरपोर्ट के पास मिसाइल गुजरती देखी शिवम मिश्रा बताते हैं कि इस दौरान उन्होंने मिसाइलों को इंटरसेप्ट होते अपनी आंखों से देखा। एक बार तो भारत आने वाली फ्लाइट के टेकऑफ से करीब 20 मिनट पहले ही एयरपोर्ट के पास मिसाइल गुजरने की सूचना के बाद उड़ान रोक दी गई। लगातार बदलते हालात के कारण यात्रियों के बीच तनाव और अनिश्चितता का माहौल बना रहा। बुकिंग होती रही, उड़ानें रद्द होती रहीं इंडिगो, गोइबिबो और मेकमाईट्रिप जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए कई बार टिकट बुक किए गए, लेकिन हर बार उड़ान से कुछ घंटे पहले फ्लाइट रद्द होने की सूचना मिलती रही। इस वजह से यात्रियों को आर्थिक और मानसिक दोनों तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। जितना पैनिक दिखाया गया, उतना नहीं था शिवम मिश्रा के अनुसार दुबई में स्थिति उतनी भयावह नहीं थी जितनी भारत में खबरों में दिखाई जा रही थी। उन्होंने बताया कि बुर्ज खलीफा पर मिसाइल लगने की खबर सही नहीं है। कुछ इलाकों में मिसाइल दागे गए थे, लेकिन अधिकांश को इंटरसेप्ट कर लिया गया और शहर में बड़े नुकसान की स्थिति नहीं बनी। एमिरेट्स की फ्लाइट से मिली राहत कई दिनों की कोशिश के बाद एमिरेट्स एयरलाइन की फ्लाइट से तीनों युवक भारत के लिए रवाना हो सके। फिलहाल वे दिल्ली पहुंच चुके हैं और देर रात रायपुर होते हुए बिलासपुर के कोटा स्थित अपने घर लौटेंगे।भारतीय क्रिकेट विश्लेषण भयंकर कुचक्र से निकलकर लौट रहा हूं शिवम मिश्रा कहते हैं कि इन नौ दिनों का अनुभव जीवनभर याद रहेगा। ऐसा लगा जैसे किसी भयंकर कुचक्र में फंस गए हों। शुक्र है कि सुरक्षित अपने देश लौट पाए। बस यही चाहता हूं कि ऐसी स्थिति किसी और के साथ न आए। मनोज राज 07 मार्च 2026